- राजमाता की जयंती पर कार्यकर्ताओ ने अर्पित किए श्रृद्वासुमन
बैतूल। राजमाता से लोकमाता तक का सफर तय करने वाली श्रीमती विजयाराजे सिंधिया की जयंती पर भाजपा कार्यकर्ताओ ने उनके छायाचित्र पर श्रृद्वासुमन अर्पित कर आदराजंलि दी। जिला कार्यालय विजय भवन में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओ ने राजमाता सिंधिया अमर रहे के नारे लगाए। इस अवसर पर पार्टी जिलाध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला ने कहा कि देष विषेषकर मध्यप्रदेष में जनसंघ से लेकर भाजपा के विस्तार में राजमाता की प्रमुख भूमिका रही। श्री शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेष के सागर में 12 अक्टुबर 1919 को राणा परिवार में उनका जन्म हुआ था। उनका विवाह ग्वालियर राजघराने में जीवाजीराव सिंधिया से हुआ था। तथा निधन 25 जनवरी 2001 को हुआ था। श्री शुक्ला ने कहा कि राजमाता सिंधिया राजघराने से आती थी लेकिन पूरा जीवन उन्होने समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति के विकास में लगाया। वे एक ममतामयी मॉ थी। उनके हृदय में सभी के लिए पर्याप्त स्थान था। श्री शुक्ला ने कहा कि राजमाता से लोकमाता का सफर तय करने वाली ऐसी प्रखर राष्ट्रवादी श्रीमती विजयाराजे सिंधिया के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष विकास मिश्रा, विक्रम वैद्य, यषवंत यादव, पूर्व जिला मंत्री भवानी सूर्यवंषी, मंडल महामंत्री विक्रम शर्मा, कार्यालय मंत्री कुणाल शर्मा, रवि सोनीसहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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