फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ भीड़ जुटाने वाले आरिफ मसूद की बिल्डिंग पर प्रशासन ने दो बार चलाया बुलडोजर

Estimated read time 1 min read
  • प्रशासन ने खानूगांव में बड़े तालाब कैचमेंट एरिया में निर्मित बिल्डिंग पर कार्रवाई
  • विरोध को देखते हुए थानों के अलावा पुलिस कंट्रोल रूम से भी अतिरिक्त बल बुलाया

भोपाल। भोपाल के इकबाल मैदान में फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ भीड़ जुटाने वाले कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसा है। एक दिन पहले पुलिस ने विधायक आरिफ मसूद समेत 7 के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में एफआईआर की। इसके अगले ही दिन प्रशासन ने बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में निर्मित बिल्डिंग के आंशिक हिस्से पर बुलडोजर चला दिया गया। यहां विधायक आरिफ मसूद का कॉलेज भी बना हुआ है। तीन घंटे में दो बार यहां बुलडोजर चलाकर अलग-अलग जगह स्थित सीढ़ी, बाथरूम आदि तोड़े गए है। एहतियात के तौर पर बड़ी तादात में फोर्स तैनात है। दोपहर 12 बजे तक कार्रवाई जारी है। खासतौर पर खानूगांव में सबसे पहले गुरुवार सुबह कार्रवाई के लिए निगम अमला और पुलिस बल मौके पर पहुंच था। यहां पर मसूद का कॉलेज भी है। विरोध को देखते हुए 200 से अधिक पुलिस अधिकारी और निगम अमला तैनात किया था। डीआईजी इरशाद वली ने बताया कि अतिक्रमण के खिलाफ खानूगांव में कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा और विरोध को रोकने के लिए पुलिस बल निगम की मदद कर रहा है।

कंट्रोल रूम में सुबह से ही जमा हुए
पुलिस और नगर निगम का अमला सुबह करीब 6 बजे से ही पुलिस कंट्रोल रूम में जमा होना शुरू हो गया था। मीटिंग आदि होने के बाद सभी खानूगांव के लिए रवाना हो गए। इधर यहां स्थित मसूद के कॉलेज में भी इसको लेकर हलचल देखी गई। यहां पर प्रशासन के पहुंचने के पहले की काफी संख्या में कर्मचारी भी कॉलेज पहुंच गए थे। हालांकि अब भी प्रशासन इसको लेकर स्पष्ट तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

एक दिन पहले मसूद पर एफआईआर हुई
आरोप लगे हैं कि भोपाल मध्य से विधायक आरिफ मसूद ने भीड़ को एकत्रित कर भोपाल के इकबाल मैदान में फ्रांस का झंडा और वहां के राष्ट्रपति का पुतला जलाया था। इस दौरान भाषण में मसूद ने कहा कि केंद्र और राज्य की हिंदूवादी सरकार के मंत्री भी फ्रांस के कृत्य का समर्थन कर रहे हैं। हम फ्रांस के साथ हिंदुस्तान की सरकार को भी चेतावनी देते हैं कि यदि सरकार ने फ्रांस का विरोध नहीं किया तो हम हिंदुस्तान में भी ईंट से ईंट बजा देंगे। पहले तो पुलिस ने इस मामले में सिर्फ धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में सरकार के रुख के चलते धार्मिक भावनाएं भड़काने की धाराओं में मासूद समेत 7 लोगों पर एफआईआर की गई।

More From Author

+ There are no comments

Add yours