सारनी। लाल झंडा चौक के ठेकेदारी कर्मचारी संघ (एटक) कार्यालय में सुबह 11 बजे संघ का 12वां सम्मेलन का उदघाटन जयराम सूर्यवंशी ने किया तत्पश्चात झंडा उत्तोलन जंगली पवार ने किया। सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ कृष्णा मोदी की। जिसमें पिछले कार्यो की रिपोर्ट महामंत्री जयराम सूर्यवंशी ने रखी। सम्मेलन में सार्वजनिक उद्योगों का निजीकरण, श्रम कानूनों में बदलाव आदि का विरोध करने का फैसला लिया गया। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए एटक यूनियन के राष्ट्रीय पदाधिकारी सह पूर्व जेबीसीसीआई सदस्य डॉ मोदी ने कहा कि हाई पावर कमेटी के निर्देशानुसार ठेका श्रमिको को प्रतिमाह 26 दिन ड्यूटी के एवज 12 हजार 272 रुपये वेतन सहित मेडिकल, आवास, पीएफ, प्रमाणपत्र आदि की सुविधा दी जानी है। कमेटी के निर्णय के अनुसार बोनस भुगतान का जिम्मा कंपनियों के एरिया महाप्रबंधक का है जीएम को ही बोनस देना सुनिश्चित करना है। बावजूद इसके प्रबंधन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। जिन ठेका श्रमीको की बदौलत कोल इंडिया का तीन चौथाई उत्पादन हो रहा है, वे ही आज बोनस, वेतन व अन्य सुविधाओं से वंचित हैं। बोनस एक्ट 1965 में संशोधन कर सीलिंग बढ़ा कर 21 हजार रूपये कर दी गई है। जिससे बोनस कम से कम 7.50 हजार रूपये मिलेगा। आज प्रबंध ठेका मजदूरों से आठ घंटे की बजाय 12-12 घंटे की शिफ्ट में काम कराने के बावजूद साप्ताहिक अवकाश की सुविधा भी नहीं दी जाती। सम्मेलन में करीब 200 से अधिक श्रमिको ने हिस्सा लिया तथा अंत में नए पदाधिकारियों को चुना गया। जिसमे अध्यक्ष पप्पू यादव, पिरथी बारपेटे महामंत्री, कोषाध्यक्ष संतोष पवार एवं कार्यकारिणी में जयराम सूर्यवंशी, रामा वाईकर, मिथुन वारसे, दीपक उइके, बाबूलाल एवं 21 साथी चुने गए।
पप्पु यादव अध्यक्ष और पिरथी बारपेटे महामंत्री नियुक्त
Posted on by Vishal
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