नपा के सहयोग से स्वयंसेवी संस्थाएं बना रही है जरूरतमंदों के लिए भोजन

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सारनी। लॉक डाउन से कई परिवार प्रभावित हो गए हैं। ऐसे जरुरतमंद परिवारों की मदद के लिए अब शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं आगे आ रही हैं। नगर पालिका के जरिए स्वयं सेवी संस्थाएं लोगों को भोजन करा रही हैं। ऐसे तकरीबन 2 हजार लोगों को रोजना दोनों टाइम भोजन परोसा जा रहा है।  रविवार को अफवाह फैली कि नपा फूड पैकेट के नाम पर राशि का आहरण करने की तैयारी में है। इसके बाद विरोधाभास उत्पन्न हुआ। हालांकि नपा ने ऐसे आरोपो और अफवाहों से किनारा किया और समितियों को समझाने में जुट गई। सोमवार सुबह वार्ड 6 के कुछ लोग सेनेटरी इंँस्पेक्टर केके भावसार के घर पहुंच गए।  दोपहर में अध्यक्ष आशा भारती, सीएमओ सीके मेश्राम, फूड पैकेट कार्य के नोडल अधिकारी केके भावसार ने बैठक की। इसके बाद स्वयं सेवी संस्थाओं से चर्चा की गई। नोडल अधिकारी भावसार ने बताया नपा के पास फूड पैकेट के लिए कोई बजट नहीं है। दानदाताओं, स्वयं सेवी संस्थाओं और सामाजिक लोगों की मदद से मिलने वाली राशि से राशन, शासन से मिले आवंटन आदि के जरिए फूड पैकेट की व्यवस्था की जा रही है। नपा ने इस मद में खुद की ओर से एक रुपए भी खर्च नहीं किए हैं। लाकडाउन के पहले दौर में सारनी और पाथाखेड़ा की दोनो संस्थाओं ने खुद के खर्च पर फूड पैकेट पहुंचवाए। दूसरे दौर में नपा दोनों समितियों की मदद कर रही है। जो जनसहोग से जो राशी नगरपालिका को मिला उससे ये दोनो सामाजिक सस्थाओ को राशन,गैस सेलेड़र,भोजन बनाने के कार्य मे लगे मजदूरो का भूगतान नपा कर रही है।करिबन एक लाख रू  राशी का भुगतान किया जा चुका है। नपा द्वारा  कहीं भी शासकीय राशि का उपयोग नहीं किया जा रहा है और ना ही कोई बिल बना है। नगर पालिका को अब तक श्री मठारदेव बाबा मेला समिति की ओर से 21 हजार, टेंट व्यवसायी चंद्रमणि शर्मा ने 30 हजार, श्री दिगंबर जैन मंदिर समिति सारनी ने 21 हजार रुपए की राशि सौंपी थी। सहित कही समाजिक संगठनो ने मदत की है। 2100 लोगों को रोजाना भोजन पैकिट बाट रहे है।
नगर पालिका दानदाओं और समाजसेवियों की मदद से
जरूरतमंदों को भोजन समाजिक संगठनो के माध्यम से दे रही है। नगर पालिका के सीएमओ सीके मेश्राम ने बताया सारनी में तकरीबन 2100 लोगों को दो संस्थाएं भोजन करा रही हैं। इसमें रोज करीब 30 हजार रुपए का खर्च आ रहा है। स्वयं सेवी संस्थाओं, दानदाताओं, धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से मिली राशि, राशन आदि से उक्त खर्च चलाया जा रहा है।

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