- उत्कृष्ट अभिनय के लिए कलाकार कर रहे तालीम
चिचोली। तहसील अंतर्गत नगर चिचोली मुख्यालय पर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में लगातार बीते सवासौ सालों से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीरामचन्द्रजी की जन्म से लेकर रावणवध एवं श्रीराम राज्याभिषेक तक की सम्पूर्ण लीलाओं का मंच पर नाटक के रूप में मचंन स्थानीय कलाकारों द्वारा किया जाते आ रहा हैं।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रामलीला का मंचन भव्य और दिव्य हों इसकी तैयारियां इन दिनों जोर-शोर से की जा रही हैं,जिसमें अभिनय करने वाले कलाकार लगातार तालीम करके अपने रोल कों और अच्छा करने का गुर सीख रहे हैं।
शारदीय नवरात्रा से आरंभ होगी रामलीला,आज होगा नारद मोह नाटक का मंचन
आदि शक्ति मां जगत जननी जगदम्बा की आराधना उपासना के पावन पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र के शुभ अवसर पर नवयुवक मानस मंडल चिचोली के तत्वावधान में इस बार 124 वें वर्ष में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीरामचन्द्रजी जी की संपूर्ण लीलाओं का नाटक के रूप में मंचन नगर चिचोली के बाजार चौक में स्थित रामलीला मंच पर किया जाऐगा।दस दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान की विधिवत शुरूआत आज गुरूवार 3 अक्टूबर की शाम श्रीराममंदिर में पूजा-अर्चना पश्चात घट की स्थापना करके,जाग बोकर एवं अखंड ज्योत कों प्रज्जवलित कर,इस पवित्र धार्मिक अनुष्ठान की..”क्या कोई गावें सुनायें प्रभु महिमा तेरी,लिखि किसी से ना जाय”..की प्रार्थना कर..की जावेगी।नवरात्र आरंभ से लेकर दशहरे तक चलने वाले इस दस दिवसीय रामलीला मंचन के भव्य और दिव्य आयोजन के पहले दिन आज गुरुवार 3 अक्टूबर की शाम रात्रि 9 बजे से नारद मोह नाटक का मंचन किया जाऐगा,कल शुक्रवार 4 अक्टूबर को श्रीराम जन्म,शनिवार 5 अक्टूबर को ताड़का मारीच-सुबाहु वध,रविवार 6 अक्टूबर को धनुष यज्ञ राम-सीता स्वयंबर,सोमवार 7 अक्टूबर को राजा दशरथ-कैकई संवाद एवं श्रीराम वनवास,मंगलवार 8 अक्टूबर को श्रीराम-भरत मिलाप,बुधवार 9 अक्टूबर को सीताहरण,गुरूवार 10 अक्टूबर को बाली वध,शुक्रवार 11 अक्टूबर को लंका दहन एवं विजयादशमी दशहरे के दिन शनिवार 12 अक्टूबर को रावण वध व श्रीराम राजतिलक के नाटक का शानदार संगीतमयी मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा किया जाऐगा,जिसे देखने के लिए प्रतिदिन ग्रामीण क्षेत्रों से बढ़ी संख्या में लोग यहां पहुंचेंगे।रामलीला का मंचन यहां प्रतिदिन रात्रि 9 बजे से प्रारंभ होकर रात्रि 12 बजे समाप्त होगा।
चिचोली में सन् 1901 से शुरू की गई रामलीला..124 वें वर्ष में पहुंची
नगर चिचोली के बाजार चौक स्थित रामलीला मंच पर शारदीय नवरात्र पर्व के अवसर पर मंचित की जानें वाली रामलीला के आयोजन व मंचन की शुरुआत करने से लेकर आज तक किये जा रहें रामलीला के मंचन से लम्बे अरसे से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े परिवार के प्रमुख व नवयुवक मानस मंडल के अध्यक्ष अनिलसिंह कुशवाह ने चर्चा में बताया कि चिचोली में रामलीला मंचन की शुरुआत हमारे नगर के बुजुर्गो ने मिलकर सन 1901 में की थी तब से लेकर आज तक यहां हर वर्ष नवरात्र के अवसर पर सभी धर्मावलंबियों के सहयोग एवं स्थानीय कलाकारों के परिश्रम से रामलीला नाटक का मंचन प्रभु श्रीरामजी की प्रेरणा व मार्गदर्शन से किया जाता आ रहा हैं और इस बार 124 वें वर्ष में हमारे सभी स्थानीय कलाकारों की मेहनत से भगवान श्रीरामचन्द्रजी की संपूर्ण लीलाओं का नाटक के रूप में मंच पर मंचन किया जाऐगा,जिसकी तैयारियां हर दिन कलाकारों द्वारा तालीम करके की जा रही हैं।
इस बार इनके नेतृत्व में होगी रामलीला
चिचोली में 124 वें वर्ष में होने जा रही रामलीला के सफल मंचन हेतु हर बार की भाति इस वर्ष भी रामलीला आयोजन के लिए समिति गठित की गई हैं जिसमें रामलीला मंडल के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संजय आवलेकर को एवं उपाध्यक्ष जितेश पिक्की आवलेकर,मुकेश मालवीय,मुकेश सोनी एवं अमित देशपांडे साथ हीं कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी कृष्णा सोनी एवं राजेश राठौर कों दी गई है इसी प्रकार से संचालक के रूप में बालासाहेब देशपांडे(वकील),संतोष मालवीय,गुलाबराव देशमुख,अशोक जैन,अशोक सोनी,मधुकर देशमुख एवं शंकरराव चड़ोकार कों बनाया गया है।इसमें विशेष सहयोगी भजन एवं रामायण मंडलों में नवयुवक मानस मंडल,बाल रामायण मंडल,नवरंगी भजन मंडल,विश्वकर्मा भजन मंडल,श्रीतपश्री क्लब,श्रीराम मंदिर समिति,बजरंगी भजन मंडल,सत्य साई समिति,उदार सागर जैन युवा मंच,युवा चेतना मंच,मां शीतला समिति प्रमुख रूप से शामिल हैं।इसके अलावा नवयुवक मानस मंडल अध्यक्ष अनिलसिंह कुशवाह एवं श्रीराम मंदिर अध्यक्ष नीतेश आवलेकर की भी रामलीला मंचन के आयोजन में विशेष भागीदारी हैं।
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