गतिविधि आधारित शिक्षण से निखर रही विद्यार्थियों की प्रतिभा

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  • श्री विनायकम स्कूल ने रचा उत्कृष्टता का नया अध्याय

बैतूल। जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान श्री विनायकम स्कूल ने 25 वर्षों से उत्कृष्ट शिक्षा, संस्कार, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की परंपरा को कायम रखते हुए गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से प्रतिभाओं को नई उड़ान दी है। विद्यालय में आयोजित एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रुप राइम्स, पेपर क्राफ्ट, ओरिगामी, एक्सटेम्पोर तथा वाद-विवाद जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, तार्किक सोच, संचार कौशल और आत्मविश्वास को प्रोत्साहन मिला। विद्यालय के डायरेक्टर संजय राठौर ने कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण विद्यार्थियों में सीखने की रुचि विकसित करने के साथ नेतृत्व क्षमता, प्रभावी संवाद कौशल और व्यक्तित्व विकास को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है।
विद्यालय ने वर्षों से जिले के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखी है। बोर्ड परीक्षाओं में भी विद्यार्थियों ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस वर्ष सीबीएसई कक्षा 12वीं में नीरज नहारिया ने 95 प्रतिशत तथा मध्यप्रदेश बोर्ड में कृतिक नागले ने 94.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। दोनों मेधावी विद्यार्थियों को विद्यालय की ओर से शैक्षणिक उत्कृष्टता के सम्मान स्वरूप लैपटॉप प्रदान किए गए।
विद्यालय में संचालित श्री विनायकम स्पोर्ट्स अकादमी के माध्यम से वैज्ञानिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचने के अवसर मिल रहे हैं। इसके साथ ही नृत्य, संगीत, योग, कला, नाटक, भाषण, कविता सहित विविध सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता का निरंतर विकास किया जा रहा है।
विद्यालय की उपलब्धियों में एक और गौरवपूर्ण अध्याय तब जुड़ा, जब विद्यार्थियों ने मॉडर्न पीरियोडिक टेबल का सामूहिक एवं सटीक वाचन कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया और विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, श्रेष्ठ संस्कार और नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण करना ही श्री विनायकम स्कूल का प्रमुख संकल्प है।

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