- बिना प्रिंसिपल के चल रहा भोपाल में सरकारी कॉलेज, सागर में ये पद ही नहीं
भोपाल। मध्यप्रदेश के 75 नर्सिंग कॉलेज इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) के मानकों को पूरा नहीं कर रहे। इन 75 नर्सिंग कॉलेजों की जांच रिपोर्ट गुरुवार रात सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (CBI) ने जारी की है। भोपाल के सबसे बड़े हमीदिया अस्पताल में संचालित गवर्नमेंट स्कूल ऑफ नर्सिंग और भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर परिसर में संचालित भोपाल नर्सिंग कॉलेज में भी खामियां मिली हैं। भोपाल के 10 नर्सिंग कॉलेजों को पैरामीटर्स पर अयोग्य माना है। इनमें सात प्राइवेट हैं। उल्लेखनीय है सीबीआई ने मप्र हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रदेश में संचालित सभी सरकारी और प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों का इंस्पेक्शन कर जांच रिपोर्ट तैयार की थी। सीबीआई ने कॉलेजों का निरीक्षण INC के मानकों को आधार बनाकर किया था। निरीक्षण रिपोर्ट ने सरकारी और प्राइवेट 75 नर्सिंग कॉलेजों में खामियां बताई हैं। राज्य सरकार ने इन खामियों को दूर करने के लिए एक कमेटी बनाई है। जो कॉलेज खामियां कम दूर नहीं कर पाएंगे, उनकी संबद्धता निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
ये खामियां मिली नर्सिंग कॉलेजों में
- हमीदिया नर्सिंग कॉलेज: प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल के बगैर ही कॉलेज संचालित हो रहा है। विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर फैकल्टी का अनुपात नहीं है। क्लास रूम नंबर 2 नियमों के अनुसार सही नहीं मिला। कम्प्यूटर लैब में कोई कम्प्यूटर ही नहीं मिले।
- जीएनएम स्कूल ऑफ सतना : डिप्लोमा होल्डर को ही प्रिंसिपल और 4 फैकल्टी को रखा गया था। न्यूट्रीशियन लैब नहीं मिली।
- बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज : न्यूट्रीशन लैब, एवीएड लैब व एडवांस लैब मापदंडों के हिसाब से सही नहीं पाए गए। विद्यार्थियों के लिए यहां 8 क्लासरूम की जगह 4 ही मिले।
- नर्सिंग बीएमसी, सागर : नर्सिंग कोर्स के लिए अलग से बिल्डिंग नहीं मिली। प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल और प्रोफेसर की पोस्ट ही नहीं क्रिएट की गई। लाइब्रेरी में किताबें और जर्नल नहीं थे।
- नर्सिंग एनएससीबी मेडिकल कॉलेज, जबलपुर: 7 क्लासरूम बताए, जबकि 5 ही थे। 3 ही फैकल्टी मिली। स्टूडेंट्स-फैकल्टी रेशो, फंडामेंटल लैब, कम्प्यूटर लैब व इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था।
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