- संविधान चौक के निर्माण के लिए डॉ. पंडाग्रे ने की दो लाख रुपए देने की घोषणा
बैतूल। जिला बैतूल महार समाज संगठन मध्यप्रदेश के तत्वावधान में भारत रत्न, संविधान निर्माता, प्रथम कानून मंत्री बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर बैतूल कलेक्टर कार्यालय के सम्मुख जिला न्यायालय के बाजू में आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे के करकमलों द्वारा महार समाज संगठन के अध्यक्ष डॉ.सुखदेव डोंगरे, संयोजक आरए (बंटी) वासनिक, सचिव डॉ. पंजाबराव सोनोर, उपाध्यक्ष डीएच मासोदकर, भीमसेना के प्रदेश अध्यक्ष तक्षित सोनारे, प्रभारी पंकज अतुलकर, अजास संयोजक एसपी भूमरकर, संयुक्त सचिव करणलाल चंदेलकर, भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ झरबड़े, फूले अंबेडकरी वरिष्ठ नागरिक संगठन के जिलाध्यक्ष एलएल चौकीकर, पंचशील बौद्ध विहार की अध्यक्ष सुशीलबाई नागले, नागार्जुन बौद्ध विहार के अध्यक्ष देवेन्द्र नागले, कालापाठा बौद्ध विहार के अध्यक्ष एमएल पाटिल, कबीर आश्रम की अध्यक्ष चंद्रकला डोंगरे, अजाक्स जिलाध्यक्ष अनिल कापसे, पारिवारिक धम्म संगोष्ठी की उर्मिला उबनारे, अमिता भूमरकर, भागरती डोंगरे, बुद्धिष्ट सोयायटी की वंदना झरबड़े, भीमसेना की करूणा मासोदकर, डॉ. रमाकांत जोशी, डॉ. संतोष अहिरवार, डॉ. कमलेश अहिरवार, डॉ. पदमाकर की उपस्थति में मध्यप्रदेश का प्रथम और भारत का द्वितीय संविधान चौक का बोर्ड लगाकर नामकरण कि गया। कार्यक्रम में चार सौ से अधिक महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चों ने शिरकत की।
डॉ. योगेश पंडाग्रे ने कहा बाबा साहब अंबेडकर ने विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान भारत को दिया तथा भारत में लोकतंत्र स्थापित कर भारतीय जनता को समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व का मार्ग प्रशस्त किया तथा विधायक डॉ. पंडाग्रे ने संविधान चौक निर्माण के लिए दो लाख रुपए देने की घोषणा की। डॉ. सुखदेव डोंगरे ने कहा कि नगरपालिका परिषद बैतूल से अनुमोदित एवं माननीय कलेक्टर बैतूल की मौखिक स्वीकृत से संविधान चौक का नामकरण कर रहे हैं। साथ ही डॉ. डोंगरे द्वारा संविधान की उद्देशिका का सामुहिक वाचन किया गया। डॉ. पंजाबराव सोनारे ने कहा संविधान चौक पर स्तंभ बनाकर संविधान की उद्देशिका अंकित करने से लोगों में संविधान के प्रति आस्था बढ़ेगी। संविधान चौक के नामकरण कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय श्याम पाटिल, खुशीलाल मोही, सीमा घानेकर, संगीता उबनारे, मालती नागले, बाबूराव शेषकर, मुन्नालाल चौरसिया, मिश्रीलाल राजुरकर, बीएल अतुलकर, संजय मानेकर, मोहन खातरकर, नरेन्द्रनाथ पाटिल, सुमन सोनारे, तरूण सरनकर, राजेन्द्र निरापुरे आदि का सक्रिय योगदान रहा।