सारनी। तत्कालीन केंद्रीय सरकार ने 2004 में एक अध्यादेश लाकर सरकारी नौकरी में अपने कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन योजना बंद कर नई पेंशन योजना लागू की थी। देश में लगभग पचास लाख से अधिक कर्मचारी एवं अधिकारी सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं। नई पेंशन योजना में अंशदान कटौती की जाती है, उसके बाद ही पेंशन योजना की पात्रता होती है । विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन के रीजनल जनरल सेक्रेटरी अंबादास सूने ने बताया कि केंद्र सरकार का यह नियम राज्य सरकार मानने के लिए बाध्य नहीं हैं । 1 जनवरी 2005 के बाद सरकारी नौकरी में भर्ती हुए कार्मिको को पुरानी पेंशन बहाल करने का प्रावधान है। इस योजना के तहत पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक, बिहार ओर तमिलनाडू ओर केरल ऐसे राज्य हैं, जहां जनवरी 2005 के बाद भर्ती हुए शासकीय सेवकों को पुरानी पेंशन की सुविधा दी जा रही है। केंद्रीय सरकार ने 2004 में नई पेंशन योजना के तहत पुरानी पेंशन योजना बंद की है। मध्यप्रदेश शासन सदैव कर्मचारीयो के हित में कार्य करती रही है।
राज्यों की सरकारों ने अंशदान पेंशन योजना लागू की है। सरकार की यह दोहरी नीति है। संगठन इसका विरोध करता है। जिस प्रकार अन्य राज्यों ने अपने कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन बहाल की है। मध्यप्रदेश शासन से विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन मांग करता है कि जनवरी 2005 के बाद भर्ती हुए कार्मिको को नई पेंशन योजना से मुक्त कर पुरानी पेंशन बहाल किया जाये। आमला सारनी विधायक डाक्टर योगेश पंडागरे से पुरानी पेंशन बहाल करने की चर्चा करते हुए अंबादास सूने।