सारनी। इस बार कोरोना का असर भगवान गणेश की मूर्ति की बिक्री पर भी देखने को मिल रहा है। गणेश चतुर्थी में कुछ दिन बाकी रह गए है, लेकिन मूर्तिकारों के यहां सन्नाटा पसरा है। पिछले वर्ष के मुकाबले प्रतिमाओं की ब्रिकी न के बराबर है। गणेश पंडाल सजाने की अनुमति न मिलने के कारण मूर्तिकारों के यह सन्नटा पसरा नजर आ रहा हैं। पाथाखेड़ा के राजेंद्र नगर में लगभग 40 वर्षों से गणेश मूर्ति का निर्माण करने वाले भैयालाल प्रजापति ने बताया कि इस बार काम-धंधा चौपट है। एक हफ्ते पहले ही गणेश उत्सव की पूरी धूम रहती थी, लेकिन कोरोना के चलते खरीदार गायब हैं। केवल मिट्टी द्वारा गणेश जी की प्रतिमा तैयार किए जाते हैं। ये पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल होती हैं। इन्हें घर पर भी विसर्जित कर सकते हैं। आगे भैयालाल प्रजापति मायूस होते हुए बताते हैं कि इस बार केवल 36 मूर्तियों का ऑर्डर ही हुआ है। जबकि पिछले वर्ष 250 मूर्तियों का ऑर्डर हो चुका था।