• आजादी के इतिहास में घोड़ाडोंगरी का नाम अमर किया

सारनी। आजादी के आंदोलन में घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में अंग्रेजो के खिलाफ बिगुल फूंकने वाले श्री भोन्देसिंह  कवंडे की रविवार 26 जुलाई को सोलहवीं पुण्यतिथि है।उनके पुत्र कन्नू लाल कवड़े ने बताया कि आजादी के आंदोलन में घोड़ाडोंगरी क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का नाम इतिहास में दर्ज है।श्री भोन्देसिंह  कवंडे और उनकी साथीयों ने अंग्रेजो के खिलाफ आंदोलन करते हुए घोड़ाडोंगरी में बांस का डिपो जला दिया था। धाराखोह रेलवे स्टेशन, रानीपुर थाने पर हमला करके अपने कब्जे में ले लिया था  रेल की पटरिया उखाड़ दी थी।उस समय अंग्रेजों को घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में करने के लिए नागपुर से सेना बुलानी पड़ी थी घोड़ाडोंगरी क्षेत्र का नाम इतिहास में अमर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री भोन्देसिंह कवंडे का जन्म किसान परिवार में  स्वरूप सिंह, माता मलिया बाई के यहां वर्ष 1914 में हुआ था। उनका देहावसान 26 जुलाई 2004 को हुआ था।आजादी के बाद स्वतंत्रता संग्राम में श्री भोन्देसिंह कवंडे  के योगदान पर भारत सरकार ने ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया था।
घोड़ाडोंगरी ग्राम पंचायत में 20 वर्ष तक सरपंच रहकर उन्होंने जनता की सेवा की पुत्र योगेश कवड़े ने बताया कि परिवार और ग्रामीणों द्वारा प्रतिवर्ष पुण्यतिथि उत्साह पूर्वक मनाई जाती है। इस वर्ष देश में कोरोना संक्रमण के कारण परिवार ने निर्णय लिया है कि पुण्यतिथि का आयोजन सीमित रूप में रखा जाएगा। जिसमें केवल परिवार के सदस्यगण ही शामिल रहेंगे।

By Vishal

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