सारनी। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जब यूपीए की सरकार में वाणिज्य मंत्री थे, तब उन्होंने चीनी उत्पादों पर 40 से 200% आयात शुल्क घटाकर चीनी उत्पादकों को बढ़ावा देने का काम किया था, ऐसा कहते हुए भाजपा नेता प्रकाश शिवहरे ने बताया कि इस कारण देश के छोटे लघु और कुटीर उद्योग के उत्पादों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा और मिट्टी के उत्पाद, दोने-पत्तल, बास की टोकनीया बच्चों के खेल खिलौने जैसे अन्य उत्पादों के निर्माण संग्रहण एवं उपयोग में भारी गिरावट आई और सूक्ष्म लघु उद्योग द्वारा निर्मित उत्पादों के स्थान पर चीनी उत्पादों की बिक्री देश में बढ़ गई जिससे चीन और चीनी कंपनियों को हजारों करोड़ों रुपए का फायदा हुआ। वहीं दूसरी तरफ हमारे कमजोर वंचित वर्ग के भाई बहनों को जो लघु और सूक्ष्म व्यवसाय से जुड़ कर अपनी आजीविका चलाते थे, उनकी आजीविका पर बहुत बुरा असर पड़ा। भारत में रोजगार के साधन घट गए कई प्रशिक्षित और भारतीय संस्कृति, सभ्यता को बढ़ावा देने वाले व्यवसाय नष्ट हो गए उनके स्थान पर चाइनीस उत्पादकों ने कब्जा कर लिया, जिसके दूरगामी परिणाम आज हमें दिखने लगे हैं। जिसके एवज में चीन और चीनी कंपनियों द्वारा तथाकथित गांधी खानदान को चीनी धन मुहैया कराया गया। जिसकी दलाली के रूप में कमलनाथ जी को भी मोटी रकम निश्चित रूप से मिली। भाजपा नेता प्रकाश शिवहरे ने बताया कि गांधी परिवार ने कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं का वैचारिक दमन किया है राष्ट्रहित के मुद्दों पर भी कांग्रेस के नेता कार्यकर्ता सस्ती लोकप्रियता के लिए घटिया राजनीति करते हैं। मध्यप्रदेश में काला दिवस मनाने वाले प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ जी बताना चाहिए कि क्यों चीनी उत्पादों पर आयात शुल्क में भारी कटौती की गई इससे देश को क्या लाभ हुआ। वैसे भी कांग्रेस नेताओं का देश के साथ विश्वासघात करने का पुराना नाता रहा है चाहे वह शिमला समझौता हो या देश में आपातकाल लगाना हो या 84 का सिख विरोधी दंगा हो।