सारनी। कमर्शियल माइनिंग को लेकर 10 जून और 11 जून को भी पांचो यूनियन ने कोल इंडिया मे सभी जगह विरोध किया था सरकार के कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने आश्वासन दिया था। परन्तु प्रधानमंत्री मोदी स्वयं अब 18 जून को 50 कोयला ब्लॉक की नीलामी का आदेश दिया और इस नीलामी मे कोल इंडिया को शामिल नहीं किया जायगा। इस गंभीर मुद्दे को लेकर कोल इंडिया की पांचो श्रमिक संगठन एक हो गए। जिसको लेकर 14 जून को ववीडियो कॉन्फ्रेंस किया गया जिसमे बीएमएस के डॉ बसंत राय, इंटक के एसक्यू जामा, एचएमएस के नाथूलाल पांडे, एटक के रमेन्द्र कुमार और सीटू केडी रामानन्द ने वर्चुअल विडियो (जूम) कॉन्फ्रेंस करने के बाद निर्णय लिया, की सरकार के विरोध में 16 जून 17 जून को प्रत्येक खदानों विभागों पर द्वार सभा होंगी। 18 जून को कोल इंडिया के सभी मुख्यालयों पर धरना विरोध प्रदर्शन होगा और 2 जुलाई 3 जुलाई 4 जुलाई को सम्पूर्ण कोल् इंडिया मे हड़ताल किया जायगा। उसके बाद अगर सरकार माँग नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए सरकार जवाबदार होंगी। वही मंगलवार को द्वार सभा के प्रथम दिन पाथाखेड़ा मे
सारनी माइन मे आशिक खान, विजेंद्र सिंह, शोभापुर खान मे दामोदर मिश्रा, अशोक मालवीय, तवा 1 कामेश्वर राय, भरत सिंह, सादिक रिज़वी, तवा 2 मे लक्ष्मण झरबड़े, छतरपुर 1 मे प्रकाश राव, छतरपुर 2 अमृत लाल, अशोक बुंदेला और वर्कशॉप मे राजेश देशमुख, कलिका प्रसाद ने द्वार सभा ली।
संयुक्त मोर्चा ने ली पाथाखेड़ा की सभी खानों में द्वार सभा
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