घोड़ाड़ोगरी। शाहपुर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 11 सितम्बर 2018 को नगर परिषद् का दर्जा दिया था। नगर परिषद् गठन की प्रकिया पूण हो चुकी थी दावे, आपत्ति, वार्ड सीमांकन, विभाजन, आरक्षण तक की प्रक्रिया हो चूकी थी। परन्तु कांग्रेस आते थी प्रदेश की 22 नवनिर्मित नगर परिषद् को रद्द करते हुए ग्राम पंचायत में तब्दील किया था, जिसका विरोध भी बहुत हुआ था। शाहपुर को पुनः नगर परिषद बनाने की मांग को लेकर सोमवार को नगर के युवाओ ने अनुविभागीय अधिकारी शाहपुर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा। जानकारी देते हुए आशीष राठौर ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा पर नगर परिषद का दर्जा दिया गया था। जिसका राजपत्र भी जारी कर दिया गया था। लेकिन कांग्रेस सरकार ने भाजपा के इस निर्णय को निरस्त करते हुए शाहपुर के साथ-साथ 22 नवगठित नगर परिषद को वापस ग्राम पंचायत के आदेश दे दिए थे। ग्राम पंचायत बनाने की राजपत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई। कांग्रेस सरकार का यह निर्णय जनता के खिलाफ है। शाहपुर की जनता शाहपुर को पुनः नगर परिषद का दर्जा दिए जाने की मांग करती है। ज्ञापन सौंपने वालो में उमेश अविनाश पाटिल, सुमित गुप्ता, शैलेश सराठे, पवन बागद्रे, साहिल गुप्ता, राहुल बनिक सहित अन्य लोग उपस्थित थे।