सारनी। कोरोना वायरस (कोविड-19) को लेकर देशव्यापी लॉकडाउन के चरण 4 में घोड़ाडोंगरी ब्लॉक में संक्रमित मरीजो की संख्या में काफी इजाफा हुआ, जिसकी संख्या बढ़कर 12 हो चुकी थी। परंतु पिछले 3 दिनों में ब्लॉक में कोई नये मामले देखने को नही मिले। हालांकि 25 मई को मिले मेहकार ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम हिरावाड़ी के निवासी युवक एवं सारनी के ट्रांसमिशन कार्यालय में संविदा लाइन अटेंडेंट श्रेणी दो के पद पर कार्यरत युवक के कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने पर क्षेत्र में काफी सनसनी का माहौल था। जिसके बाद ब्लॉक स्तरीय एवं जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग टीम ने युवक के संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग एवं सैंपल लिए थे इसकी रिपोर्ट बुधवार की रात्रि को आई। जिसमें कोरोना पॉजिटिव पाए गए हीरावाड़ी निवासी युवक के प्रायमरी कांटेक्ट लिस्ट में शामिल अधिकांश लोगों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में के बाद क्षेत्र के लोग राहत की सांस ले सकते हैं। बीएमओ डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि बुधवार की रात प्राप्त सभी 16 सेम्पल की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इस रिपोर्ट के बाद सारनी पर खतरा रहा कोरोना का खतरा भी टलता नजर आ रहा है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के सारनी कार्यालय के अधीन कार्यरत युवक के सीधे संपर्क में आए लोगों की सेम्पल स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए थे। इसमें पॉजिटिव पाए गए युवक के 5 परिजनों, सारनी कार्यालय में कार्यरत 11 सहकर्मियों के सेम्पल शामिल हैं। सारनी कार्यालय के सहकर्मियों में से 3 लोगों के सेम्पल बैतूल निवासी होने के कारण बैतूल जिला चिकित्सालय द्वारा लेकर जांच हेतु भेजे गए थे। इन सभी सेम्पल की रिपोर्ट नेेगेटिव आई है। हालांकि उक्त युवक के सम्पर्क में आए लोगों में से भयावाड़ी निवासी 6 लोगों के सेम्पल शाहपुर सीएचसी द्वारा कल भोपाल भेजे गए हैं जिसकी रिपोर्ट आना बाकि है। वही पिछले एक हफ्ते घोड़ाडोंगरी विकासखंड के लिए एक तरफ से घातक ही सिद्ध हुए हैं। वो घातक इसलिए सिद्ध हुए हैं क्योंकि एक सप्ताह में 13 कोरोना संक्रमित मामले सामने आये थे। जिसके बाद लगातार इन 13 लोगों के संपर्क हिस्ट्री निकाला प्रशासन कोई भी ऐसी चूक नहीं चाहता था, ताकि जिससे कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़े। जिसको ध्यान में रखकर शाहपुर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी हरसिमरन प्रीत कौर, घोड़ाडोंगरी तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा, सारनी अनुविभागीय पुलिस अधिकारी अभयराम चौधरी, खंड चिकित्सा अधिकारी संजीव शर्मा हर छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर इस संक्रमण को रोकने का प्रयास कर रहे थे। जितना हो सका उससे कहीं ज्यादा इस संक्रमण को रोकने का प्रयास भी किया। शायद इसीलिए संक्रमणों के आंकड़े में तेज गति से बढ़ोतरी हो रही थी उसे विराम लगा है।
पुलिस की लापरवाही कंटेंटमेंट जोन के 10 युवाओं को देखरख हेतु रखा
ग्राम हीरावाड़ी निवासी एवं सारनी ट्रांसमिशन कार्यालय में कार्यरत संविदा कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के पश्चात जिला कलेक्टर के द्वारा वार्ड 7 एवं वार्ड 8 के कई हिस्सों को कंटेंटमेंट जोन घोषित करते हुए यहां पर आगमन पर प्रतिबंध लगा रखा है लेकिन पुलिस की एक लापरवाही इस कंटेनमेंट जोन के अंदर दिखाई दी। बताया जाता है की पुलिस ने कंटेनमेंट जोन के वार्डों के ही 10 ऐसे युवाओं को देखरेख के लिए यहां तैनात कर दिया जिन पर खुद ही संक्रमण का खतरा ज्यादा है। जिसका मामला प्रकाश में आने के बाद प्रशासन ने पुलिस से इन्हें हटाने को कहा।
कंटेनमेंट जोन के लिए दो वार्डों के 10 क्षेत्रों में प्रशासन ने बैरेकेटिंग की है। सख्त निर्देशों के तहत वार्ड के भीतर से कोई बाहर नहीं आ सकता। ऐसे में इन्हीं दो वार्डों के 10 युवाओं को पुलिस ने चिन्हित कर ड्यूटी पर लगा लिया। दरअसल, आवागमन करने वालों की पहचान करने पुलिस ने इन्हें पांइटों पर बैठाया है, लेकिन मुसीबत ये है कि ये सभी संक्रमित हिस्से में रहते हैं। ऐसे में रोजाना सुबह बाहर आकर पुलिस के साथ दिन भर ड्यूटी करना किसी खतरे से कम नहीं है। गुरुवार को मामले की शिकायत सामने आई इसके बाद तहसीलदार ने इसे संज्ञान में लिया। पुलिस से सारी जानकारी ली। तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा ने इसे गंभीर मानते हुए तत्काल हटाने के निर्देश दिए।
इनका कहना है..
कंटेनमेंट जोन के लोगों को बाहर आने नहीं देना है, यह हिस्सा संक्रमित क्षेत्र घोषित है। यहां के 10 युवाओं को किसके आदेश पर बाहर आने की अनुमति दी गई, इसकी जानकारी ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर उन्हें तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं।
मोनिका विश्वकर्मा
तहसीलदार घोड़ाडोंगरी
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