सारनी। ग्रामीण अंचल खैरवानी मोरडोगरी, बाकुड, चोपना की भाड़का नदी से रेत माफिया जमकर रेत का दोहन कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार रेत माफिया अभी सक्रिय हो गए हैं और जमकर अवैध रेत उत्खनन कर रहे हैं। तवा नदी से निकलने वाली रेत का दिन-रात उत्खनन हो रहा है। साथ ही चोपना, बाकुड, सलैया, की नदी नालों से रेत निकाली जा रही है। प्रशासन द्वारा शासकीय कार्य की अनुमति मिलते ही रेत कारोबारी जमकर रेत का उत्खनन शुरू कर दिया है। दिन भर में बीस से पच्चीस ट्रैक्टर निकल रहे हैं जो क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य में रेत लग रही है जिसके लिए खनन हो रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही चोपना पुलिस द्वारा अवैध उत्खनन करते हुए तीन ट्रैक्टरों को जप्त किया था उसके बाद भी रेत माफिया रुके नहीं है। रात दिन क्षेत्र में रेत के ट्रैक्टर चल रहे हैं और वही सारनी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा रेत उत्खनन करते हुए ट्रैक्टर जप्त किए है। उसके बाद भी पुलिस वन विभाग और खनिज विभाग को चकमा देकर जमकर रेत का उत्खनन किया जा रहा है। प्रातः सुबह से चलता है रेत उत्खनन जो देर रात तक चलता है आखिर इन ट्रैक्टरों पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ रही यह भी प्रश्न उठ रहा है? या खनिज माफिया को मौन स्वीकृति प्रदान की गई क्योंकि जिस तरह से दिन में रेत ट्रैक्टर जगह-जगह डंप कर रहे हैं इससे लग रहा है कि कहीं ना कहीं खनिज विभाग ने खुला संरक्षण दे रखा हों। पुलिस वन विभाग के द्वारा रेत उत्खनन पर कार्रवाई की गई है लेकिन खनिज विभाग के द्वारा क्षेत्र में हो रहे हैं उत्खनन पर कोई कार्रवाई नहीं करना मौन स्वीकृति दर्शा रहा है।
रात के अंधेरे में डंपर से उत्खनन करके बैतूल पहुंच रही है रेत
चोपना, खैरवानी से निकाली हुई रेत जिले में पहुंच रही है जिसकी कीमत एक डंपर की लगभग बीस हजार रूपए बताई जा रही है अब देखते हैं प्रशासन इन पर आने वाले समय में क्या कार्रवाई करता है देखना होगा। नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों में रेत लग रही है जो अवैध खनन करके चोपना क्षेत्र से लाई जा रही है तवा नदी से भी रात के अंधेरे में उत्खनन चल रहा है। सारनी, पाथाखेड़ा, बगडोना में रेत चल रहे निर्माण कार्य रेत आवश्यकता होती है जो ग्रामीण अंचल की नदियों से उत्खनन कर के लाई जाती है।
रेत माफिया दबंगई पर उतारू
कुछ दिन पहले ही शाहपुर में रेत का अवैध उत्खनन करने की सूचना पर जांच करने गए दल पर रेत माफिया द्वारा हमला कर दिया गया था, जिससे एक पटवारी को गंभीर चोट भी आई थी, जिसका इलाज नागपुर में चल रहा है। क्या प्रशासन पर रेत माफिया भारी है? जो लॉक डाउन में भी अपनी गतिविधियां संचालित करके प्रशासन को चेतावनी दे रहा है कि रेत माफिया के आगे किसी की नहीं चलेगी। रेत उत्खनन के बारे में हमने चर्चा करने के लिए तहसीलदार घोड़ाडोंगरी मोनिका विश्वकर्मा से संपर्क किया लेकिन उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा।