
सारनी। भारतीय मजदूर संघ संबद्ध भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ द्वारा श्रम कानूनों को 3साल के लिए एकतरफा निर्णय लेकर बर्खास्त करने के लिए जारी काले अध्यादेश का तथा देश की वित्तमंत्री द्वारा कोरोना की आड़ में कामर्शियल माइनिंग की घोषणा का प्रबल विरोध करते हुए आज 20 मई को सुबह 11 बजे लगभग 50 कार्यकर्ताओं की रैली के माध्यम से महाप्रबन्धक कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। तथा प्रबंधन प्रतिनिधि क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक राजेश नायर को कोयला मंत्री के नाम ज्ञापन सौपा गया। भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष एवं मिडिया प्रभारी अशोक मालवीय ने बताया की सुबह 11 बजे की बीएमएस कार्यकर्ता कार्यालय जुमड़े भवन में एकत्रित होने लगे लेकिन कोरोना महामारी लॉकडाउन को देखते हुए व शोसल डिस्टेन्सिंग नियमो का पालन करते हुए लगभग 50 कार्यकर्ताओं ने झंडे बैनर के साथ जुमड़े भवन से महाप्रबन्धक कार्यालय तक रैली निकालकर जमकर नारेबाजी की। प्रमुख वक्ताओ में विभाग प्रमुख महेंद्र सिंह ठाकुर,महामंत्री बिजेंद्र सिंह ने कहा की सरकार कमर्शियल माईनिंग लाकर देश के पब्लिक सेक्टर कोयला उद्योग को बर्बाद करना चाहती है। एक ओर प्रधानमंत्री स्वावलम्बी बनने बनाने का उद्बोधन टीवी पर देते है। दूसरी ओर वित्तमंत्री निजीकरण विनिवेश कोलब्लॉक बेचने की घोषणा कर रही है। भामस इसका पुरजोर विरोध करता है। क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश राव ने आंदोलन की सभी बिन्दुओ पर विचार रखते हुए उपस्थित सभी कार्यकर्ताओ को धन्यवाद ज्ञापित किया। उपरोक्त विरोध प्रदर्शन में सभी क्षेत्रीय तथा इकाई के पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसी क्रम में शाम चार बजे जिला मंत्री सुदामा सिंह के नेतृत्वा में घोड़ाडोंगरी ज्ञापन प्रेषण कार्यक्रम में विभाग प्रमुख महेंद्र सिंह,जिला मंत्री सुदामा सिंह, प्रकाश राव, अशोक मालवीय, बिजेंद्र सिंह, ओमकार शुक्ला इत्यादि ने तहसीलदार को जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा गया।