- राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की आड़ में स्वयं की राजनीति चमका रहे हैं -डॉ. मोहन यादव
- लोकतंत्र में जनता का विश्वास सर्वोपरि, कांग्रेस इस विश्वास को कमजोर करने का प्रयास कर रही है – हेमंत खण्डेलवाल
भोपाल। केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य ने बुधवार को लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ संकल्प को लेकर भोपाल के अटल पथ पर आयोजित पदयात्रा में सहभागिता कर उमड़े एक लाख से अधिक जनसैलाब को संबोधित किया। केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि कांग्रेस के अबोध बालक को सलाह देता हूं कि वह ईवीएम की चिंता छोड़कर आत्मचिंतन करें। कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन द्वारा सोची समझी साजिश के तहत संवैधानिक संस्थानों के प्रति लोगों के विश्वास को अस्थिर कर देश को अस्थिर करने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश की 140 करोड़ जनता के दिलों में बसते हैं। भारत के लोकतंत्र और चुनाव आयोग की दुनियाभर में बनी साख को कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन के लोग तार-तार कर रहे हैं। कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा सत्ता प्राप्ति के लिए देश में फैलाए जा रहे अराजकता को समाप्त करने और लोकतंत्र बचाने की जिम्मेदारी भाजपा के साथ देश की जनता की भी है। देश की जनता कांग्रेस और विपक्षी दलों के देश विरोधी किसी भी मंसूबे को कामयाब नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं का बार-बार मजाक बनाने वाले, चुनाव आयोग को अपने जेब की पुड़िया समझने वाले लोग आज सर्वोच्च न्यायालय और निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं। न्यायालय ने जब-जब कांग्रेस के खिलाफ निर्णय दिया, कांग्रेस ने न्यायपालिका का अपमान किया। देश में लगाया गया आपातकाल न्यायपालिका के अपमान का सबसे बड़ा उदाहरण है। राहुल गांधी इन संवैधानिक संस्थाओं की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मतदाता सूची की एसआईआर पर सवाल उठाकर कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बना रही है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्ष चुनाव जरूरी है। लोकतंत्र में जनता का विश्वास सर्वोपरि है। कांग्रेस पार्टी इस विश्वास को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता लोकतंत्र की बात करते हैं और संविधान की किताब हाथ में लेकर लहराते हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस के नेताओं के लिए भारत का संविधान सिर्फ हवा में लहराने वाली किताब है, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और भाजपा के लिए संविधान राष्ट्रीय ग्रंथ है। प्रधानमंत्री जी ने कांग्रेस द्वारा जम्मू-कश्मीर में लागू की गई धारा 370 हटाकर एक देश, एक विधान की परिकल्पना को साकार किया है।
भारत लोकतंत्र की जननी, देश के लोगों की रगों में प्रजातंत्र दौड़ता है – श्री जगत प्रकाश नड्डा जी
केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि भारत को लोकतंत्र की जननी कहा जाता है। देश के लोगों की रगों में प्रजातंत्र दौड़ता है। कांग्रेस जान चुकी है कि उसे देश के लोगों का समर्थन बिल्कुल नहीं मिल रहा है, इसलिए इस तरह के कृत्य करके कांग्रेस देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। आजकल राहुल गांधी और कांग्रेस लोकतंत्र के रक्षक बनने का नाटक कर रहे हैं। वे किस मुंह से लोकतंत्र की रक्षा करने की बात कर रहे हैं? देश जानता है कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने 1 लाख 30 हजार लोगों को मीसा और टीआईआर के तहत बगैर किसी दलील के 22 माह के लिए जेल में डाला था। जितना अंग्रेजों ने लोगों को जेल में नहीं डाला उससे कहीं ज्यादा कांग्रेस ने केवल 22 माह में लोगों के साथ अन्याय किया। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं भी आपातकाल का भुक्तभोगी हूं। मुझे कांग्रेस सरकार में दो बार क्लासरूम से पकड़कर पुलिस ले गई थी। परिवार के परिवार उठाकर जेल में डाल दिए गए थे, ये आज किस मुंह से लोकतंत्र और ईवीएम की बात कर रहे हैं? हिंदी में एक कहावत है कि ‘नाच न जाने अंगन टेढ़ा‘ यह कांग्रेस और विपक्ष पर सटीक बैठती है। लोगों के दिलों में इन्हें राज करना नहीं आता तो चुनाव आयोग को बेईमान बता रहे हैं। चुनाव आयोग ने तो राजनीतिक दलों को चुनौती दी थी और आमंत्रित किया था कि ईवीएम को हैक करके बताएं? तब ये गायब हो गए थे, ये जवाब दें कि क्यों इन्होंने ईवीएम को हैक करके नहीं बताया? उन्होंने कहा कि चुनाव में जीतना है तो लोगों के दिलों में बसना होगा। प्रधानमंत्री जी देश की जनता के दिलों में बसे हैं, इसलिए देश के प्रधान सेवक बनकर देश के जनता की सेवा कर रहे हैं।
जनता के दिलों में जगह बनाना सीखें राहुल गांधी – श्री जगत प्रकाश नड्डा
केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी चुनावों में मिलने वाली हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने की बजाय जनता के दिलों में जगह बनाना सीखें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश की जनता के दिलों में बसते हैं, इसलिए आज देश का नेतृत्व कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल कितने भी षड्यंत्र करें, लेकिन प्रधानमंत्री जी कहीं नहीं जाने वाले हैं। हम सब लोग प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 देखने वाले हैं। कांग्रेस की राजनीति का तरीका समझने के लिए एक उदाहरण पर्याप्त है। बचपन में कुछ विद्यार्थी परीक्षा में पास होने पर अपनी प्रतिभा का श्रेय लेते थे और फेल होने पर शिक्षक तथा परीक्षा व्यवस्था को दोष देते थे। आज राहुल गांधी भी यही कर रहे हैं। कर्नाटक और हिमाचल में जीत मिलने पर चुनाव प्रक्रिया सही लगती है, लेकिन हारने पर चुनाव आयोग बेईमान हो जाता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने ईवीएम को हैक करने की चुनौती दी थी और दुनिया के विशेषज्ञों को इसे हैक करके दिखाने का आमंत्रण दिया था, लेकिन कांग्रेस और राहुल गांधी इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए सामने नहीं आए। अब यही लोग ईवीएम पर सवाल उठाते हैं और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते हैं।
लोकतंत्र की रक्षक बनने का दावा करने वाली कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंटती है
केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि लोकतंत्र के सबसे बड़े रक्षक बनने का दावा करने वाली कांग्रेस ने ही आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंटा था। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान राहुल गांधी द्वारा अध्यादेश की प्रति सार्वजनिक रूप से फाड़कर लोकतांत्रिक व संवैधानिक संस्थाओं का अपमान किया था। एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। यह पहले भी कई बार हो चुकी है। कांग्रेस के शासनकाल में भी यह प्रक्रिया अपनाई गई थी। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव आयोग ने व्यापक स्तर पर काम किया है। करीब 10 लाख 24 हजार बूथ लेवल अधिकारियों और लगभग 12.7 लाख बूथ लेवल एजेंटों की मदद से मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया गया। कांग्रेस 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगा रही है, जबकि पुनरीक्षण में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टियों वाले मतदाताओं की पहचान की गई है। उनके अनुसार, करीब तीन करोड़ मतदाता अनुपस्थित, 6.3 करोड़ स्थानांतरित और एक करोड़ दोहरी प्रविष्टियों वाले पाए गए। इसके अलावा मृत मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी है। चुनाव आयोग का काम केवल चुनाव कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि मतदाता सूची में वास्तविक और पात्र नागरिकों के नाम ही दर्ज हों।
कांग्रेस घुसपैठियों को अपना वोट बैंक बनाने का कार्य कर रही है
केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव से वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बीच पश्चिम बंगाल के मतदाताओं की संख्या में 66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सबसे अधिक मतदाताओं की संख्या राज्य के सीमावर्ती जिलों में बढ़ी है। सीमावर्ती जिलों में अनुपात से जितने भी अधिक मतदाता बढ़े हैं, वह सभी अवैध घुसपैठिए हैं। कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंन के लोग अवैध घुसपैठियों को अपना वोटबैंक बनाने का कार्य कर रही हैं, इसलिए इन दलों को एसआईआर से समस्या हो रही है। बिहार में भी विपक्ष ने एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया, लेकिन चुनाव परिणामों ने जनता का रुख स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के दौरान विपक्ष को वह भूमिका नहीं मिलती थी, जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार में अब दी गई है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में कानून के तहत चयन समिति में नेता प्रतिपक्ष को भी शामिल किया गया। जो कांग्रेस आज चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है, उसके कार्यकाल में ही संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित करने वाले फैसले लिए गए। पदयात्रा का उद्देश्य केवल सड़कों पर उतरना नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर विपक्ष की राजनीति और चुनाव आयोग को बदनाम करने के प्रयासों के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे गांव, मोहल्ले, चाय की दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की वास्तविक स्थिति जनता को बताएं।
कांग्रेस को जब-जब सत्ता नहीं मिलती, देश को अस्थिर करने का प्रयास करती है- डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का एक परिवार बिना सत्ता के रह नहीं पाता। कांग्रेस को जब-जब सत्ता नहीं मिलती, देश को अस्थिर करने का प्रयास करती है। लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं का बार-बार मजाक बनाने वाले लोग आज सर्वोच्च न्यायालय और निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं। राहुल गांधी इन संवैधानिक संस्थाओं के विरोध की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन देश की जनता इनके षड्यंत्र को पूरी तरह से समझती है। मध्यप्रदेश और देश की जनता कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दलों को माफ नहीं करेगी। हम सभी जानते हैं कि जब-जब न्यायालय ने कांग्रेस के विरुद्ध निर्णय दिए, तब-तब कांग्रेस ने न्यायाधीशों और न्यायपालिका पर सवाल उठाकर उनका अपमान किया। देश में लगाया गया आपातकाल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। आज निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले लोगों का अपना इतिहास भी सवालों के घेरे में रहा है। टी.एन. शेषन के कार्यकाल में निर्वाचन आयोग की व्यवस्था में हस्तक्षेप और उनके अधिकारों को सीमित करने के प्रयासों का उल्लेख भी इसी संदर्भ में किया जाता है। इसी प्रकार, बदरुल इस्लाम का उदाहरण भी सामने आता है, कांग्रेस के शासनकाल में जो पहले कांग्रेस से राज्यसभा सांसद रहे और बाद में सर्वोच्च न्यायालय में जज बना दिए गए। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा से जुड़े मामले में निर्णय दिया। कांग्रेस ने न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अपने व्यवहार से कई बार सवाल खड़े किए हैं। लेकिन कांग्रेस पार्टी के षड्यंत्रकारी कार्यों से पूरा देश आज आक्रोशित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत चहुंमुखी विकास कर रहा है। गरीब, महिला, युवा, किसान सहित समाज के प्रत्येक वर्ग और हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जनता के बीच से निकले नेता हैं और जनता के दिलों में उनका विशेष स्थान है।
कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को बेनकाब कर रही भाजपा, जिलों में निकलेंगी पदयात्राएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम गढ़ रहा है और प्रदेश में विकास के नए पैमाने स्थापित किए जा रहे हैं। कांग्रेस लोकतंत्र की दुहाई देकर जनता को गुमराह करने और अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रही है। जब जनता ने कांग्रेस को सत्ता से दूर कर दिया है, तो उसके नेता कभी चुनाव आयोग तो कभी न्यायपालिका को निशाना बनाते हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कहीं जाने वाले नहीं हैं। वे जनता के बीच के नेता हैं और करोड़ों देशवासियों के दिलों पर राज करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा फैलाई जा रही अराजकता को समाप्त करने भाजपा के कार्यकर्ता सहित समूचे मध्यप्रदेश की जनता सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र की रक्षा में पदयात्रा कर रही है। यह पदयात्रा अराजकता के विरूद्ध आवाज उठाने के लिए की जा रही है। अभी बड़े शहरों में पदयात्राएं निकाली जा रही हैं। आने वाले दिनों में जिलों में पदयात्राएं निकाली जाएंगी। कांग्रेस की राजनीति और उसके इतिहास को जनता के सामने रखने तथा लोकतंत्र के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पदयात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि हजारों-लाखों कार्यकर्ताओं और नागरिकों की सहभागिता यह संदेश दे रही है कि जनता विकास, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खड़ी है। कांग्रेस की अराजकता और झूठ की राजनीति का जवाब जनता लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
आजादी के बाद एसआईआर 12 बार हो चुका, जिसमें दस बार कांग्रेस के शासनकाल में हुआ -श्री हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि एसआईआर पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाने वाली कांग्रेस ने आरोपों के समर्थन में आज तक कोई सबूत नहीं दिए हैं। राहुल गांधी की राजनीति ही इस पर आधारित है कि आरोप लगाओ और भाग जाओ। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष देश में अराजकता फैलाने और पूरी दुनिया में भारत के लोकतंत्र की प्रतिष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगाने का प्रयास कर रहा है। कांग्रेस और राहुल गांधी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं, जबकि यह प्रक्रिया देश के आजाद होने के बाद 12 बार हो चुकी है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। भाजपा के शासनकाल में सिर्फ दो बार हुई है, जिसमें पहली बार श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में हुई, दूसरी बार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल में हुई है। अगर एसआईआर प्रक्रिया सही नहीं होती तो कांग्रेस के शासनकाल में 10 बार क्यों होती। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया के समय कांग्रेस के बूथ एजेंट भी मौजूद रहते थे, लेकिन किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई। आज कांग्रेस मतदाता सूची के शुद्धिकरण का विरोध कर रही है। राहुल गांधी और कांग्रेस देश को बताएं कि वे मतदाता सूची के शुद्धिकरण का विरोध क्यों कर रहे हैं? क्या वे चाहते हैं कि विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में बने रहें, मृत व्यक्तियों के नाम नहीं हटाए जाएं और एक ही व्यक्ति के नाम पर कई स्थानों पर मतदान की स्थिति बनी रहे? चुनाव में लगातार पराजय का सामना कर रहे राहुल गांधी कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी एसआईआर को निशाना बनाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं। महाराष्ट्र में चुनावी गड़बड़ी के आरोप लगाए गए, लेकिन आज तक में कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया गया। कर्नाटक में भी आरोप लगाए गए, लेकिन 477 दिन बीत जाने के बाद भी कांग्रेस कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। राहुल गांधी की राजनीति केवल आरोप लगाने और फिर जवाबदेही से बचने तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था बेहद आवश्यक है।
कांग्रेस द्वारा विदेशी ताकतों के सहयोग से भारत को अस्थित करने का प्रयास किया जा रहा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस द्वारा विदेशी ताकतों के सहयोग से भारत को अस्थिर करने के प्रयासों का हम सभी को एकजुट होकर विरोध करना होगा। लोकतंत्र की रक्षा किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ संकल्प के साथ आयोजित इस पदयात्रा में हजारों की संख्या में नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता लोकतंत्र विरोधी ताकतों और अराजकता फैलाने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। भोपाल एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिकों और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों की सहभागिता सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल भारतीय जनता पार्टी का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने वाले प्रत्येक नागरिक का अभियान है। पार्टी नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में आयोजित इस पदयात्रा के माध्यम से कांग्रेस को यह संदेश देना चाहते हैं कि प्रदेश का एक-एक नागरिक लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के साथ खड़ा है। हम सभी मिलकर देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र को मजबूत करेंगे तथा अराजकता फैलाने वाली ताकतों को करारा जवाब देंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पदयात्रा में शामिल सभी नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया है।
कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की षड्यंत्र की दुकान बंद होती जा रही है- श्री लाल सिंह आर्य
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करती है। चुनौतियों कोे अवसर में बदलना भाजपा के कार्यकर्ताओं को आता है। भाजपा ने कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत व परिश्रम से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक विजय प्राप्त की है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की षड्यंकारी राजनीति को देश की जनता समझने लगी है और यही कारण है कि देश की जनता कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दलों को सबक सिखा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दलों की षड्यंत्र की दुकान बंद होती जा रही है। कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए लगातार षड्यंत्र कर रहे हैं। भारत को आर्थिक रूप से कमजोर कैसे किया जाए, प्रधानमंत्री जी को बदनाम कैसे किया जाए और देश को कैसे नुकसान पहुंचाया जाए, इसी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के रक्षा की बात करने वाली कांग्रेस ने ही वर्ष 1975 में आपातकाल लगाकर भारतीय संविधान की आत्मा को कुचलने का काम किया था।
कांग्रेस ने संविधान की प्रस्तावना में बदलाव करने का पाप किया है
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना में बदलाव करने का पाप भी कांग्रेस ने ही किया था। कांग्रेस ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों के साथ अन्याय किया। दोनों महापुरुषों का स्पष्ट मत था कि जम्मू-कश्मीर में धारा-370 नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि दी और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का सम्मान किया। आज कांग्रेस और उसके गठबंधन के नेता लोकतंत्र बचाने की बात करते हैं और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 के पहले लोकसभा चुनाव में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर उत्तर मुंबई से चुनाव लड़े थे। उस चुनाव में मतपत्रों को नष्ट कर बाबा साहब को हराने का षड्यंत्र कांग्रेस पार्टी ने ही किया था। यह लोकतंत्र के साथ अन्याय का उदाहरण है। लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन करने वाली कांग्रेस पार्टी को लोकतंत्र की दुहाई देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
इस अवसर पर संसदीय बोर्ड के सदस्य श्री सत्यनारायण जटिया, राष्ट्रीय प्रकोष्ठ संकुल संयोजक व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा, मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री कारण सिंह वर्मा, श्री विश्वास सारंग, श्री चैतन्य काश्यप, मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री प्रभुराम चौधरी, प्रदेश महामंत्री श्री राहुल कोठारी, सांसद श्री आलोक शर्मा, श्री दर्शन चौधरी, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय एवं जिलाध्यक्ष श्री रविंद्र यति सहित पार्टी पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।