• कार्यक्रम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने भी संबोधित किया
  • प्रधानमंत्री के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के अनुरूप सहकारिता और डेयरी के माध्यम से पशुपालकों, किसानों और मातृशक्ति की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है
  • मोदी जी के नेतृत्व में बनी नई न्याय संहिताएं FIR से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक तीन वर्षों में न्याय सुनिश्चित करेंगी और पूर्ण क्रियान्वयन – अमित शाह


भोपाल 03/10/2026 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि विकास, पशुपालकों की आय वृद्धि और महिला सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने आज मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित दशहरा मैदान में आयोजित गौपालक सम्मेलन को संबोधित किया और नवीन न्याय संहिताओं पर आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल, उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा और श्री राजेंद्र शुक्ला, राज्य सरकार के अनेक मंत्री, सांसद, विधायक, सहकारिता क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में पशुपालक और दुग्ध उत्पादक उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने नवीन न्याय संहिताओं पर आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और इनके क्रियान्वयन से संबंधित मध्य प्रदेश पुलिस की उपलब्धियों तथा विभिन्न प्रदर्शनी खंडों का अवलोकन किया। कार्यक्रम को मुख्येमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने भी संबोधित किया।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने औपनिवेशिक काल की दंड-केंद्रित आपराधिक न्याय व्यवस्था से आगे बढ़कर नागरिकों को न्याय प्रदान करने वाली नई व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है। उन्होंने कहा कि नए कानूनों का मूल उद्देश्य शासन की रक्षा के बजाय भारत के नागरिकों के सम्मान, संपत्ति और शरीर की रक्षा करना है और इनका मूल मंत्र ‘न्याय’ है, ‘दंड’ नहीं। उन्होंने कहा कि पूर्ण क्रियान्वयन के बाद नई व्यवस्था के अंतर्गत एफआईआर दर्ज होने से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक की न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने का लक्ष्य रखा गया है। श्री अमित शाह जी ने कहा कि नई आपराधिक न्याय प्रणाली में आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, ऑनलाइन समन, ऑनलाइन सुनवाई, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और फॉरेंसिक साइंस से जुड़े प्रावधानों सहित अनेक आधुनिक वैज्ञानिक व्यवस्थाओं को इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, गुमशुदा बच्चों, आतंकवाद और मॉब लिंचिंग जैसे अपराधों से निपटने के लिए भी नए कानूनों में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इनके पूर्ण क्रियान्वयन के बाद भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली दुनिया की सबसे आधुनिक प्रणालियों में शामिल होगी।
सहकारिता क्षेत्र का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने कहा कि देश में लंबे समय से स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की मांग थी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अलग सहकारिता मंत्रालय की स्थापना कर सहकारिता क्षेत्र को नई ऊर्जा और गति दी। उन्होंने कहा कि इस मंत्रालय की स्थापना का सबसे बड़ा लाभ किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े लोगों तक पहुंच रहा है। श्री अमित शाह जी ने कहा कि खुले बाजार में दूध बेचने वाले पशुपालकों को कई बार बिचौलियों के कारण अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जबकि सहकारी व्यवस्था पशुपालकों को बेहतर मूल्य के साथ-साथ उनके दूध की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से उत्पन्न आर्थिक लाभ से भी जोड़ती है। उन्होंने कहा कि दूध से आइसक्रीम, मक्खन, घी, चीज और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने के लिए मजबूत प्रोसेसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर आवश्यक है और सरकार इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है।
नस्ल सुधार को डेयरी क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने कहा कि उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से गौवंश और भैंस की नस्ल सुधार से संबंधित कार्यक्रमों के लिए 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया था और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि आधुनिक नस्ल सुधार तकनीकों से पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादकता में सुधार के साथ-साथ भारतीय देसी नस्लों के संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा। सेक्स-सॉर्टेड सीमन जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से पशुपालकों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी बढ़ेगी। मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के राज्य सरकार के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए श्री अमित शाह जी ने कहा कि यह एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है और केंद्र सरकार इसे हासिल करने में राज्य सरकार तथा मध्य प्रदेश के पशुपालकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेगी।
देश में डेयरी क्षेत्र की प्रगति का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने कहा कि वर्ष 2014-15 में देश का कुल दुग्ध उत्पादन लगभग 14.60 करोड़ टन था, जो अब बढ़कर लगभग 24.80 करोड़ टन हो गया है। उन्होंने कहा कि इसी अवधि में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता लगभग 307 ग्राम प्रतिदिन से लगभग 58 प्रतिशत बढ़कर 485 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है।
श्री अमित शाह जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वर्ष 2047 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनाने के संकल्प के अनुरूप कृषि, पशुपालन और सहकारिता क्षेत्रों को भी आधुनिक तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के डेयरी उत्पादों का निर्यात बढ़कर लगभग ₹4,666 करोड़ तक पहुंच गया है और संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, अमेरिका, सऊदी अरब तथा भूटान सहित अनेक देशों में भारतीय डेयरी उत्पाद निर्यात किए जा रहे हैं। श्वेत क्रांति 2.0 का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने श्री अमित शाह जी कहा कि इसके अंतर्गत देशभर में 75 हजार नई सहकारी डेयरियां स्थापित करने और 46 हजार मौजूदा डेयरियों को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में नई सहकारी डेयरियां स्थापित की जाएंगी, जिससे राज्य के पशुपालकों को संगठित बाजार, बेहतर मूल्य, आधुनिक प्रोसेसिंग और सहकारी नेटवर्क का लाभ मिलेगा। श्री अमित शाह जी ने कहा कि डेयरी क्षेत्र को नेट जीरो और चक्रीय अर्थव्यवस्था के मॉडल से जोड़ने के लिए भी अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। नस्ल सुधार, टीकाकरण, गुणवत्तापूर्ण पशुधन, चारा प्रबंधन, कृत्रिम गर्भाधान और सेक्स-सॉर्टेड सीमन जैसी व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरदार पटेल कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड की स्थापना भी की गई है।
गोबर आधारित अर्थव्यवस्था की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने कहा कि गोबर का वैज्ञानिक संग्रह, मीथेन उत्सर्जन में कमी, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण और ग्रामीण रोजगार सृजन—इन सभी को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न मॉडल विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऐसी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा जिससे मध्य प्रदेश में गोबर भी पशुपालकों और किसानों के लिए आय का अतिरिक्त स्रोत बन सके। डेयरी सहकारिता में महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए श्री अमित शाह जी ने कहा कि सहकारी डेयरी से बड़ा महिला सशक्तीकरण का माध्यम शायद ही कोई दूसरा हो सकता है। डेयरी के माध्यम से महिलाओं के हाथ में सीधे आय पहुंचती है और इससे महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ ग्रामीण विकास, किसानों की आर्थिक प्रगति और परिवार की समृद्धि भी जुड़ती है। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र देश में कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने मध्य प्रदेश को नशीले पदार्थों से मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विषय पर मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों के साथ विस्तृत बैठक की जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को नारकोटिक्स और नशीले पदार्थों से मुक्त बनाने के लिए विस्तृत और सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि राज्य के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
केन्द्री य मंत्री श्री अमित शाह जी ने पशुपालकों के हित में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए विभिन्न निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्रियों और राज्य सरकार की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और सहकारी डेयरी नेटवर्क को व्यापक स्तर पर बढ़ाने का लक्ष्य कठिन अवश्य है, लेकिन केंद्र सरकार राज्य सरकार और पशुपालकों के साथ मिलकर इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरा सहयोग करेगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि डेयरी और गौपालन के माध्यम से मध्य प्रदेश समृद्ध हो, प्रदेश का किसान समृद्ध हो और विशेष रूप से मातृशक्ति समृद्ध हो, इसी संकल्प के साथ केंद्र और राज्य सरकार सहकारिता तथा डेयरी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कार्य कर रही हैं। इस अवसर पर भोपाल में ‘मोरवन प्रोजेक्ट’ के तहत नगर वन विकसित करने के लिए KRIBHCO और मध्य प्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्री अमित शाह जी ने उज्जैन में ₹255 करोड़ की लागत से स्थापित किए जाने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल माध्यम से भूमिपूजन किया। इसके साथ ही भोपाल में लगभग ₹16.5 करोड़ की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट तथा ₹12.42 करोड़ की लागत से तैयार अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण किया गया। शिवपुरी में ₹6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी डिजिटल माध्यम से लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं से मध्य प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण और डेयरी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को बोनस तथा गौशालाओं को सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदान की गई। दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को लाभांश वितरित किया गया और पशुपालकों का सम्मान किया गया। महिला पशुपालकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए ‘गौपालक दीदियों’ को भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
दूध उत्पादन में अब देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है मध्यप्रदेश -डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नई दुग्ध क्रांति की ओर बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य बिल्कुल साफ है कि देश का अधिकतम दुग्ध उत्पादन मप्र की धरती पर हो। उन्होंने कहा कि आज स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति में यहां अद्भुत राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन आयोजित किया गया है। प्रदेश में 80 लाख से अधिक गोपालकों का विशाल समृद्ध परिवार है। राज्य सरकार ने गरीब युवा महिला और नारी शक्ति के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। किसान कल्याण वर्ष में हमने 17 विभागों को एक साथ जोड़ा है। किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाने के लिए हमारी सरकार ने सभी तरह के प्रयास शुरू किए हैं। प्रदेश के प्रत्येक जिले में कृषि मेले, कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, उन्नत कृषि के उपाय किसान भाइयों को बताए जा रहे हैं। किसान भाइयों की आय गोपालन, दूध उत्पादन, पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन से बढ़ाने के प्रयास किया जा रहे हैं। किसानों की सबसे अधिक आय दूध उत्पादन से होती है। मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में अब देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश के हर गांव-कस्बे की सभी दुग्ध सहकारी समितियों को और भी मजबूत करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। इस दिशा में प्रदेश में कई नवाचारी पहलें भी की जा रही हैं।
गोवर्धन पूजा से पहले सरकार के तीन नए संकल्प, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की तीन घोषणायें
सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गौपालकों और दुग्ध उत्पादकों के हित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए अगले माह गोवर्धन पूजा से पहले सरकार के तीन नए संकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने इस संकल्पों की पूर्णता के लिए घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी 313 ब्लॉक्स में स्थित वृंदावन ग्रामों में उत्कृष्ट गौपालकों की प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें विजेताओं को नगद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम विजेता को एक लाख रुपए, द्वितीय को 50 हजार रुपए एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी प्रदेश में 406 गौ-एम्बुलेन्स चल रही हैं। इसमें इज़ाफ़ा करते हुए अब प्रदेश में 168 नई गौ-एम्बुलेन्स चलाईं जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्नत दुधारू नस्ल के पशु अधिक दूध उत्पादन करते हैं, इसीलिए उन्नत नस्ल पशुपालन के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश में जगह-जगह पशुपालकों के बड़े मेले लगाये जायेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह के अटल इरादों से ही देश नक्सलवाद की समस्या से हमेशा के लिए मुक्त हो गया है। मप्र देश में सबसे पहले इस दशकों पुरानी समस्या से मुक्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रत्येक केन्द्रीय योजना में शत्-प्रतिशत परिणाम देने के लिए केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। पहले दुग्ध उत्पादकों से बिचौलिए लाभ कमाते थे। लेकिन केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री शाह के प्रयासों से अब नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू हो गया है। केंद्रीय मंत्री श्री शाह के करकमलों से आज मध्यप्रदेश को दूध उत्पादन और डेयरी क्षेत्र में चार बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 330 ग्राम दूध का प्रोडक्शन होता है। यह आंकड़ा भारत में 485 ग्राम है और मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय औसत से अधिक 750 ग्राम है। आज प्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में दुग्ध समितियां नहीं बनी है। हमारी सरकार ने दुग्ध समितियां की संख्या बढ़कर दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कुल 6 दुग्ध सहकारी संघ संचालित हैं। इनके श्रेष्ठ प्रदर्शन, पारदर्शी नीतियों और डेयरी वैल्यू चेन को बढ़ाते हुए कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन हैं, लेकिन उन्नत नस्ल के अभाव में दूध उत्पादन क्षमता कम है। गुजरात में पशुधन एक चौथाई कम है, लेकिन दूध उत्पादन एक चौथाई अधिक होता है। राज्य में गिर, साहीवाल जैसी गायों और दूध देने वाले पशुओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश की गौशालाओं में उन्नत नस्ल की गायों से दूध उत्पादन बढ़ेगा। हमारे किसान भाइयों ने सहकारिता और पशुपालन के माध्यम से अपनी जिंदगी बदली है। प्रदेश में 3500 गौशाला है, इनमें 5 लाख से अधिक गौवंश का संरक्षण हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में वृंदावन ग्राम विकसित किए जा रहे हैं। वृंदावन ग्रामों में उन्नत नस्ल के पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम प्रदेश में गौपालन को प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति प्रेम का अनुपम उदाहरण बनाएंगे। दूध उत्पादन को व्यक्तिगत स्तर और गौशालाओं के जरिए भी बढ़ाया जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र में स्थित गौशालाओं को भी अनुदान 20 रू. प्रति गाय से बढ़ाकर 40 रू. प्रति गाय कर दिया गया है। राज्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है। जिसके अंतर्गत 40 लाख रुपए ऋण लेकर 25 गाय पालने पर सरकार 10 लाख रुपए की सब्सिडी दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को 21 साल बाद मप्र सुगम परिवहन बस सेवा की सौगात मिली है। मध्यप्रदेश में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना के अंतर्गत 50 लाख से अधिक पट्टेधारियों की पक्की रजिस्ट्रियां कराकर उन्हें नि:शुल्क दी जा रही हैं।
-हर गांव में सहकारिता, हर गौपालक का सम्मान और हर परिवार की बेहतर आय के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश -श्री हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है कि सहकारिता को नई दिशा देने वाले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से मध्यप्रदेश के डेयरी क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हो रहा है। प्रदेश में बड़ी संख्या में नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है और दुग्ध संकलन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। आज प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 12 लाख लीटर दूध का संकलन हो रहा है और सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इसे 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाना है। डेयरी क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में भोपाल में डेयरी परियोजनाओं का शुभारंभ तथा उज्जैन में 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का भूमि-पूजन महत्वपूर्ण कदम है। इन प्रयासों से दूध के संकलन, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और विपणन की पूरी श्रृंखला को मजबूत किया जाएगा।
दूध से आय, गोबर से खाद-ऊर्जा और पशुधन से रोजगार के अवसर
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि के साथ पशुपालन और डेयरी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। पशुपालन केवल दूध उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने का प्रभावी माध्यम है। दूध से आय, गोबर से जैविक खाद एवं ऊर्जा और पशुधन से रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। सरकार का प्रयास है कि सहकारिता से संगठन, संगठन से उत्पादन, उत्पादन से मूल्यवर्धन और मूल्यवर्धन से पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि का मजबूत तंत्र तैयार हो। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को भी बढ़ाया जा रहा है। पशुपालन और डेयरी गतिविधियों के माध्यम से मातृशक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
हर पशुपालक होगा समृद्ध, मजबूत होगी प्रदेश की डेयरी अर्थव्यवस्था
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में डेयरी क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। देसी पशु नस्लों को दूध उत्पादन और सांची के माध्यम से नई पहचान दिलाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि हर गांव में सहकारिता, हर गौपालक का सम्मान, हर परिवार की बेहतर आय, हर महिला का सशक्तिकरण और दूध से मजबूत अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आने वाले समय में सहकारिता और डेयरी क्षेत्र ग्रामीण मध्यप्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और हर पशुपालक की समृद्धि के साथ मध्यप्रदेश की डेयरी अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई मिलेगी।
खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारिता हमारा धर्म है और हमारी सरकार इसी धर्म के पालन में केन्द्र सरकार के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल के सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवान दास सबनानी, श्री विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा भोपाल सहित निकटवर्ती रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम एवं हरदा जिले की सभी दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े हजारों गौपालक सदस्य उपस्थित थे।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने किसान कल्याण वर्ष पर केन्द्रित प्रदर्शनी का किया अवलोकन
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यस्तरीय गौपालक सम्मेलन में सहभागिता करने से पहले मौके पर ही राज्य सरकार द्वारा मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष 2026 पर केन्द्रित विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय गृह मंत्री को वर्तमान में मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष और बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से प्रदेश के किसानों की बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

By Vishal

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