- कलेक्टर डॉ.सोनवणे ने की चिल्कापुर में पंचायत कार्यों की समीक्षा
- गबन के मामले में एफआईआर के निर्देश
बैतूल। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने ग्राम पंचायत चिल्कापुर में बैठक आयोजित कर पंचायत के विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पंचायत में संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों, राशि के आहरण एवं कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। चिल्कापुर में पुलिया, नाली एवं शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण होने के पूर्व 5 लाख 90 हजार रुपये की राशि आहरित किए जाने की शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित सचिव, सरपंच और जीआरएस को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं गबन से संबंधित मामले में उन्होंने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत भैंसदेही को जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पंचायत के कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर सरपंच, सचिव एवं सहायक सचिव के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत की राशि का दुरुपयोग अथवा शासकीय राशि में गड़बड़ी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने अन्य ग्राम पंचायतों में भी निर्माण कार्य पूर्ण होने से पूर्व राशि आहरित किए जाने के मामलों की जानकारी ली। उन्होंने ऐसे मामलों में संबंधित सचिवों के विरुद्ध सेवा संबंधी कार्रवाई, यहां तक कि सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत की राशि का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
अधूरे आंगनवाड़ी भवन को पूर्ण करने के निर्देश
चिल्कापुर में अधूरे आंगनवाड़ी भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कराने के संबंध में प्राप्त आवेदन पर कलेक्टर ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई कर भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में मृत्यु के पश्चात संबल कार्ड बनाए जाने की शिकायत भी सामने आई। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत भैंसदेही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नोटिस जारी कर मामले की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा कलेक्टर ने तत्कालीन सचिव लुनिया सरियाम का वित्तीय प्रभार हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा कार्य पूर्ण होने के बाद ही नियमानुसार राशि का आहरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।