- ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर सुनी समस्याएं
- राजस्व कार्यों में लापरवाही पर पटवारी और नायब तहसीलदार को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
बैतूल। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने ग्राम पंचायत बोथिया में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा बताई गई राशन, पेयजल, सड़क, बिजली, पेंशन सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री गणेश जायसवाल उपस्थित थे।
इस दौरान फसल नुकसानी के सर्वे सहित अन्य शासकीय कार्यों में लापरवाही की शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित पटवारी को नोटिस जारी करने और नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर निलंबन की कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। वहीं राजस्व कार्यों में खराब प्रदर्शन पर उन्होंने संबंधित नायब तहसीलदार को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एसडीएम एवं तहसीलदार को लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर शासकीय योजनाओं एवं कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन की निगरानी करने के निर्देश दिए।
चौपाल में ग्रामीण महिलाओं ने चेकडेम में किए गए कार्य का भुगतान करीब दो वर्षों से लंबित होने की शिकायत की। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एपीओ को संबंधित सभी हितग्राहियों के नाम की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला पंचायत सीईओ को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने गांव में पेयजल की समस्या से अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने बताया कि ग्राम को मेंढा जलाशय से जोड़ा गया है तथा आगामी फरवरी माह तक गांव में सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीणों द्वारा पंचायत भवन नियमित रूप से नहीं खुलने की शिकायत पर कलेक्टर ने सचिव से जानकारी ली और पंचायत भवन को निर्धारित समय पर खोलने तथा ग्रामीणों को शासकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राशन कार्ड नहीं बनाए जाने की शिकायत पर उन्होंने सचिव को संबंधित आवेदक की समस्या का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। चौपाल में बुजुर्ग महिला रतो एवं मंगू ने पेंशन नहीं मिलने की समस्या बताई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को पेंशन का नियमानुसार लाभ दिलाने के निर्देश दिए। वहीं ग्रामीण महिलाओं ने आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को नाश्ता एवं भोजन नहीं दिए जाने की शिकायत की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चौपाल के दौरान ग्राम में प्रस्तावित निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली तथा विकास कार्यों को निर्धारित गुणवत्ता एवं समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
स्मार्ट टीवी नहीं चलाते आने पर शिक्षक की वेतन वृद्धि रोकने और को नोटिस देने के निर्देश
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने ग्राम पंचायत बोथिया स्थित प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता की जानकारी ली। कलेक्टर ने बच्चों से गुणा-भाग के सवाल पूछने के साथ ही अपने नाम की स्पेलिंग भी पूछी। बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय में स्मार्ट एलईडी टीवी के माध्यम से कराई जा रही पढ़ाई की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान स्मार्ट टीवी चालू करते नहीं आने पर उन्होंने संबंधित शिक्षक की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने और नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राचार्य से विगत दो वर्षों में विद्यालय में कराए गए निर्माण कार्यों की जानकारी ली। संतोष जनक जवाब नहीं दिए जाने पर प्राचार्य को नोटिस देने और संबंधित निर्माण कार्यों की सोशल ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध शौचालय एवं पेयजल व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय के भोजन कक्ष का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को मेन्यू के अनुसार दिए जा रहे भोजन की जानकारी ली तथा भोजन को स्वयं भी देखा। भोजन कक्ष की छत जर्जर अवस्था में पाए जाने पर उन्होंने सचिव एवं सब इंजीनियर को तत्काल मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए। विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति पर उन्होंने पंचायत के प्रति नाराजगी व्यक्त की।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने ग्राम बोथिया स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर से केंद्र में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की ओपीडी, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं तथा आवश्यक दवाइयों के स्टॉक की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए उपलब्ध दवाइयों की स्थिति की भी जानकारी लेते हुए दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को समय पर जांच, उपचार एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।