• बैतूल सीमा से सटे महाराष्ट्र में चार लोगों की जान लेने वाली बाघिन ‘पिंकी’ रेस्क्यू, गांवों में पसरी दहशत का हुआ अंत


बैतूल। महाराष्ट्र के अमरावती और वर्धा जिले में चार लोगों की जान लेने और मवेशियों का शिकार करने वाली बाघिन ‘पिंकी’ को आखिरकार वन विभाग की टीम ने सोमवार शाम ट्रैंक्विलाइज कर सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया। बाघिन के पकड़े जाने के बाद महाराष्ट्र के साथ ही मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की सीमा से लगे गांवों के ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है। पिछले कई दिनों से बाघिन की मौजूदगी के कारण दोनों राज्यों की सीमा से लगे इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के अमरावती जिले के चांदूरबाजार तहसील और आसपास के गांवों में ‘पिंकी’ लगातार सक्रिय थी। सोमवार को शिरजगांव कसबा क्षेत्र में एक व्यक्ति पर हमला करने के बाद बाघिन घटनास्थल के आसपास ही बैठी रही। सूचना मिलने पर वन विभाग और टाइगर प्रोजेक्ट की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद टीम ने बाघिन को ट्रैंक्विलाइज किया और उसे सुरक्षित कब्जे में ले लिया।
बैतूल दक्षिण वन मंडल के डीएफओ अरिहंत कोचर ने बताया कि बाघिन मध्यप्रदेश की सीमा से करीब पांच किलोमीटर दूर महाराष्ट्र के अमरावती जिले में सिरजगांव के समीप रेस्क्यू की गई है। अमरावती वन विभाग और टाइगर प्रोजेक्ट की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। बाघिन के पकड़े जाने के बाद बैतूल वन विभाग की ओर से भी सीमा से लगे क्षेत्रों में जारी सतर्कता अभियान को राहत मिली है।
बताया जा रहा है कि ‘पिंकी’ के हमलों में अब तक चार लोगों की मौत हुई है। मृतकों में वर्धा जिले के आष्टी क्षेत्र के किसान राजाभाऊ भोयर, अमरावती जिले के मोर्शी तहसील के भांबोरा निवासी चरणदास विखे, चांदूरबाजार तहसील के सोनोरी निवासी 22 वर्षीय उर्मिला बाजीराव इवने और शिरजगांव  के दामू भाऊ आवारे शामिल हैं। बाघिन कई बकरियों और गायों को भी अपना शिकार बना चुकी थी।
लगातार हो रहे हमलों के कारण चांदूरबाजार तहसील के ग्रामीणों में भय का माहौल था। ग्रामीणों का कहना था कि बाघिन दिन के समय भी आबादी के आसपास दिखाई दे रही थी। इससे खेतों में काम करने, मवेशी चराने और जंगल से लगे क्षेत्रों में जाने वाले लोगों में डर बना हुआ था। ग्रामीण लगातार वन विभाग से बाघिन को पकड़ने की मांग कर रहे थे।
इस बीच बाघिन की गतिविधियां मध्यप्रदेश की सीमा तक पहुंचने से बैतूल जिले में भी वन विभाग और पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया था। महाराष्ट्र की सीमा से लगे आठनेर क्षेत्र के ग्राम दाभोना के आसपास बाघिन के दिखाई देने का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों को सावधान किया गया। बैतूल पुलिस और वन विभाग ने गांवों में मुनादी कराने के साथ ही पुलिस वाहनों से सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमरावती ग्रामीण कंट्रोल रूम से बैतूल पुलिस को सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र के ग्राम ब्राह्मणवाडा में एक बाघिन ने एक बच्ची को मार दिया है। इसके बाद छह सितंबर को सिराजगांव क्षेत्र में एक गाय और उसके बछड़े के मारे जाने की जानकारी सामने आई। इसी दौरान बाघिन के बैतूल जिले की सीमा के करीब पहुंचने और दाभोना क्षेत्र में दिखाई देने का वीडियो भी सामने आया।
बैतूल पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि सीमा से लगे गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जाए। साथ ही मजिस्ट्रेट और वन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया था। निर्देश के बाद आठनेर थाना पुलिस ने महाराष्ट्र सीमा से लगे गांवों में सायरन बजाकर ग्रामीणों को सावधान किया।
वन विभाग ने भी ड्रोन के माध्यम से निगरानी और ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान चलाया। ग्रामीणों से कहा गया कि वे जंगल अथवा सुनसान क्षेत्रों में अकेले न जाएं और बाघिन दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसका पीछा करने का प्रयास न करें। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस या वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई।
वन विभाग के अनुसार, ‘पिंकी’ के मेलघाट टाइगर प्रोजेक्ट से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने की बात सामने आई थी। हालांकि, बाघिन के लगातार मानव बस्तियों के करीब पहुंचने और हमलों की परिस्थितियों को लेकर वन विभाग की ओर से विस्तृत जांच की जा रही है।
बाघिन के रेस्क्यू की खबर सामने आने के बाद महाराष्ट्र के ग्रामीणों के साथ बैतूल सीमा से लगे गांवों में भी राहत का माहौल है। पूर्व सांसद नवनीत राणा और विधायक प्रवीण तायडे भी बाघिन के रेस्क्यू अभियान के दौरान मौके पर पहुंचे। वन विभाग अब बाघिन को सुरक्षित स्थान पर ले जाने और आगे की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।
बाघिन के पकड़े जाने से फिलहाल दोनों राज्यों की सीमा से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में मंडरा रहा खतरा टल गया है। हालांकि, वन विभाग और पुलिस ने ग्रामीणों से सतर्कता बनाए रखने की अपील की है, क्योंकि जंगल से लगे इलाकों में वन्यजीवों की गतिविधियों को देखते हुए सावधानी जरूरी है।

By Vishal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *