- भोपाल-धार में बारिश, छतरपुर में 2 बहनों पर गिरी बिजली
भोपाल। मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर चल रहा है। सोमवार को भोपाल, धार में तेज बारिश हुई। अगले कुछ घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्से में बारिश होने का अनुमान है। वहीं छतरपुर के बड़ामलहरा के महाराजगंज में बिजली गिरने से आरती अहिरवार (12) की मौत हो गई, जबकि चचेरी बहन झुलस गई। जिला अस्पताल में भर्ती है। मौसम विभाग ने धार के मांडू, देवास, इंदौर, सीहोर, शाजापुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने और बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। वहीं शिवपुरी, गुना, रतलाम के धोलावाड़, उज्जैन, आगर-मालवा, भोपाल, रायसेन के भीमबेटका और सांची, विदिशा के उदयगिरि, राजगढ़, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी के बावनगजा, खरगोन के महेश्वर, खंडवा के ओंकारेश्वर, बुरहानपुर, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, हरदा, बैतूल, निवाड़ी के ओरछा, दमोह, सागर, सतना के चित्रकूट, मैहर, डिंडौरी, नरसिंहपुर, कटनी, उमरिया के बांधवगढ़, शहडोल, अनूपपुर के अमरकंटक में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मध्य प्रदेश में 26 जून तक हीटवेव (लू), गर्मी और आंधी-बारिश वाला मौसम रहेगा। मानसून के नहीं आने और प्री-मानसून की एक्टिविटी कम होने से उमस-गर्मी बढ़ी है। पिछले 2 दिन से जबलपुर संभाग में लू का असर भी है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल ने अगले 4 दिन तक जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन में गर्म हवाएं चलेंगी, जबकि शाम के बाद आंधी-बारिश होने का अनुमान है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में गर्मी का असर रहने का अनुमान है।
इन जिलों में आज बारिश हीटवेव-गर्मी के बीच 21 से अधिक जिलों में आंधी-बारिश वाला मौसम भी रहेगा। झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, अनूपपुर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा और अशोकनगर में तेज आंधी का अलर्ट है।
रायसेन में ढाई इंच पानी गिरा, भोपाल-सतना में भी तेज बारिश प्रदेश में रविवार को भी तेज आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। रायसेन में 61 मिमी यानी, करीब ढाई इंच पानी गिर गया। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश हुई, जबकि सतना में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, सिवनी में भी बारिश का दौर बना रहा। रविवार को दिन के तापमान में गिरावट आई है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.3 डिग्री, इंदौर में 37.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.7 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री और जबलपुर में पारा 38 डिग्री सेल्सियस रहा। पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। सिवनी-शिवपुरी में 35 डिग्री, रायसेन में 36 डिग्री, सागर-टीकमगढ़ में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया में सबसे ज्यादा 40.6 डिग्री रहा।
प्रदेश में मानसून 4 दिन लेट प्रदेश में मानसून 7 दिन लेट हो गया है, जबकि इसकी एंट्री को 4 दिन और लगेंगे। IMD ने 25 जून के बाद प्रदेश में मानसून के दस्तक देने का अनुमान जताया है। 23 जून को यह छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़ सकता है।
15 जून तक मानसून की एंट्री हो जाती है मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में मानसून की सामान्यत: 15 जून के आसपास एंट्री हो जाती है, लेकिन इस बार 22 जून तक मानसून का अता-पता नहीं है। तेलंगाना में 8 जून से ही मानसून अटका हुआ है। हालांकि, यह धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में 23 जून को छत्तीसगढ़ आने की संभावना है। रफ्तार तेज रहती है तो यह एमपी में 25 जून के आसपास आ सकता है। पिछली बार यह 16 जून को ही आ गया था।
बारिश का आंकड़ा घटा मानसून के लेट होने से जून की सामान्य बारिश का आंकड़ा भी तेजी से घट रहा है। प्रदेश में 48 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें से पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में 69 प्रतिशत पानी कम गिरा है। पश्चिमी हिस्से के संभाग- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में आंकड़ा 29 प्रतिशत कम है। प्रदेश के 55 में से 45 जिलों में बारिश का आंकड़ा माइनस में है। अलीराजपुर में एक बूंद भी रिकॉर्ड नहीं हुई है, जबकि भोपाल में सबसे ज्यादा साढ़े 4 इंच पानी गिर चुका है।
बुवाई नहीं हुई, किसानों की चिंता बढ़ी मानसून के लेट होने से किसान सबसे ज्यादा चिंता में हैं। वे खरीफ सीजन की फसल जैसे- सोयाबीन, उड़द, मूंग, तूअर आदि की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। शाजापुर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एसएस धाकड़ बताते हैं कि बोवनी के लिए कम से कम 4 इंच बारिश जरूरी है। इससे जमीन में पर्याप्त नमी आती है। इतनी बारिश होने के बाद ही किसान बोवनी करें।
बीज खराब होने का खतरा बढ़ा मानसून के समय पर आने की संभावना के चलते प्रदेश के कई जिलों में किसानों ने सोयाबीन की बोवनी कर दी। उन पर बीज खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि पानी के अभाव में बीज खराब हो सकता है। ऐसे में किसानों को दोबारा बोवनी करना पड़ेगी। हालांकि, उन किसानों के लिए राहत है, जिनके पास सिंचाई के लिए पानी है।
कम और ज्यादा बारिश वाले जिले
- इन जिलों में कम बारिश : अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, रीवा, पन्ना, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश हुई है।
- इन जिलों में ज्यादा बारिश : भोपाल, आगर-मालवा, अशोकनगर, गुना, मंदसौर, मुरैना, नीमच, सीहोर, शाजापुर और श्योपुर में सामान्य से ज्यादा पानी गिरा है।
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