आमला। आमला के स्थानीय साप्ताहिक बाजार में आम, जामुन और मौसमी सब्जियों के छोटे-छोटे दुकानदारों से नगर परिषद के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी ठेकेदार बनकर वसूली कर रहे हैं। पचाश रुपए की दुकान के सौ रुपए तक वसूले जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार छोटे किसानों ने बताया कि रसीद पर कुछ नहीं लिखा होता। बीस रुपए से सौ रुपए तक टैक्स वसूली शराब के नशे में अभद्र व्यवहार करते हुए की जा रही है। मामला मीडिया के कैमरे में कैद हो गया।
मीडिया कर्मी ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आमला सेलन बड़ोनिया जी से चर्चा की। उन्होंने कहा “मैं मुख्य नगर पालिका अधिकारी से चर्चा करता हूँ, अवैध वसूली पर कार्यवाही करूँगा”। तीस-चालीस किलोमीटर दूर से आने वाले किसान दो सौ से पाँच सौ रुपए की सब्जी, आम, जामुन लेकर उमस भरी गर्मी में बेचते हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उनकी सब्जियां उठाकर पीले कलर की कोरी रसीद देकर बीस से सौ रुपए तक छीन लेते हैं। किसान शिकायत नहीं करेंगे, पर मीडिया के कैमरे में उनका दर्द महसूस हुआ।
जागरूक प्रतिनिधियों का कहना है कि पूर्व पार्षद कांग्रेस रमेश प्रजापति ने बताया कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी की जवाबदारी भी होती है कि बाजार में छोटे दुकानदारों का शुल्क ना वसूला जाए, जिसमें विभिन्न साप्ताहिक बाजार के अधिनियम लागू हैं। बड़े-बड़े पाल पर्दे लगाए वालों पर कार्यवाही होना चाहिए। पूर्व में तीन वर्ष पहले जब ठेका होता था तो राजस्व के नियम अनुसार पाल पर्दों की दुकानें वर्ग फुट के अनुसार दी जाती थी, किंतु अब मनमाने तरीके से दुकानें लग रही हैं जिससे छोटे गरीब किसान सड़कों पर बैठे रहते हैं। जहाँ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी बड़े दुकानदारों को ना डरा-धमकाकर छोटे कम पढ़े-लिखे लोगों को डरा-धमकाकर वसूली करते हैं। इस वसूली की मौके पर जाँच करना चाहिए। पूर्व में के कर्मचारियों की धर-पकड़ बाजार में हुई थी जिसमें कुछ कर्मचारी निलंबित भी हुए थे। यह बात को संज्ञान में नगर परिषद के अधिकारी ने लेना चाहिए।
आमला साप्ताहिक बाजार में ठेकेदार बने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, किसानों से अवैध वसूली कैमरे में कैद
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