नए कानून से संबंधित जानकारी दी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को

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रानीपुर l हाल ही में पुराने कानूनो में संशोधित हुए नए कानून के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए थाना प्रभारी अवधेश तिवारी ने सोमवार को थाने के समीप आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नए कानून के सशक्तिकरण हेतु समाज में महिलाओं का जन जागरण करने की बात कही। शासन द्वारा महिलाओं के हित के लिए कई कानून में संशोधन किए गए हैं एवं दोषी छूटे न और और निर्दोष को सजा ना हो अपराध करने वाले को किसी भी सूरत में बक्सा नहीं जाएगा। कार्यकर्ताओ एवं सहायिकाओं को समझाइस देते हुए बताया कि गांव की छोटी-मोटी बातों को समाधान करें अपराध की सूचना तत्काल थाने में उपलब्ध कराए। थाना प्रभारी द्वारा बताया गया कि पूर्व में 1860 के भारतीय दंड संहिता की जगह पर संहिता 2023 आज दिनांक 1 जुलाई 2024 से संपूर्ण भारतवर्ष में लागू किया जा रहा है एवं इसके नाम परिवर्तन के संबंध में बताया कि निर्माण भारतीय दंड संहिता का निर्माण अंग्रेजों द्वारा किया गया था जिसका मूल उद्देश्य दंड देना था किंतु वर्तमान भारतीय संहिता कार्य अनुरूप नाम को परिलक्षित करती है जिसका उद्देश्य न्याय दिलाना है। भारतीय न्याय संहिता के तहत 1 जुलाई से घटित अपराध की कायमी की जावेगी एवं इसके पूर्व घटित अपराधों की कायमी भारतीय दंड संहिता के तहत की जावेगी आईपीसी में 551 धाराएं थी जो अब भारतीय न्याय संहिता में 358 होगी इसमें 21 में अपराध जोड़े गए हैं 41 अपराधों में कारावास की अवधि को बढ़ाया गया है 42 अपराधों में जुर्माना बनाया गया है 25 अपराधों में अनिवार्य न्यूनतम सजा शुरू की गई है 6 धाराओं में सामुदायिक सेवा का दंड जोड़ा गया है 19 धाराओं को निरस्त किया गया। बीएनस 2023 मैं जोड़ी गई जैसे महिलाओं को विवाह करने का वचन देकर उसे पूरा करने के आशय के बिना शारीरिक संबंध बनाना, अपराध कार्य करने के लिए बालक को भाड़े पर लेना माबलीचिंग आतंकवादी कृत्य आदि के संबंध में बताया गया। नया कानून के संबंध में जानकारी देने में प्रमुख रूप से थाना प्रभारी अवधेश तिवारी एएसआई दीपक मालवीय, उर्मिला कुंभारे प्रधान आरक्षक, तरुण पटेल, पूनम तिवारी, आरक्षक राजेंद्र भलावी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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