• सारनी में जल्द ही होगा थर्मल स्टेशन के कार्य का शुभारंभ

सारनी। विद्युत नगरी सारनी में 660 मेगावाट की अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल यूनिट की स्थापना के लिए निविदा आमंत्रित करने का कार्य पावर जनरेटिंग कंपनी के माध्यम से किया गया है। 5 हजार 500 सौ करोड रुपए की लागत से बनने वाले इकाई क्रमांक 12 की निविदा जारी होने के बाद विद्युत नगरी सारनी और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी के झूंग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रजीत सिंह के माध्यम से मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के मुख्य अभियंता व्ही के कैथवार को पुष्पगुछ  देकर 660 मेगावाट की 12 नंबर की इकाई की निविदा जारी होने की बधाई देने का काम किया है,उन्होंने बताया कि 660 मेगावाट की इकाई यदि विद्युत नगरी सारनी को मिली है तो इस इकाई की सौगात में आमला विधानसभा क्षेत्र की विधायक डॉक्टर योगेश पंडाग्रे की मुख्य भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि विधायक के माध्यम से लगातार प्रदेश की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास जाकर सारनी में 660 मेगावाट की इकाई जो वर्ष 2012 में उनके माध्यम से घोषणा की गई थी उसे स्थापित किए जाने की मांग स्वीकृत करते रहे बताया जाता है कि शनिवार यूनिट क्रमांक 12 की निविदा आईडी 2023 एमपीपीसीसी 3150 121 जारी हुई तो क्षेत्र के मतदाताओं को विश्वास हो गया की सारनी में अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर की यूनिट लगेगी बताया जाता है कि निविदा अभी जारी कर दी जाएगी और इन निविदाओं को जनवरी में खोला जाएगा मार्च 2024 से इस ताप विद्युत गृह सारनी का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा जिस ताप विद्युत गृह सारनी का कुल उत्पादन बढ़कर 1960 मेगावाट हो जाएगा।
5500 करोड रुपए की लागत से होगा निर्माण
660 मेगावाट की अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई क्रमांक 12 की स्थापना में कुल खर्च 5500 करोड रुपए होने की संभावना व्यक्ति की जा रही है हालांकि राजनीतिक गलियारों में इकाई के निर्माण कार्य में खर्च होने वाली राशि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी कुछ लोगों का कहना है की इकाई की लागत 4500 करोड रुपए होगी या उससे अधिक होगी हालांकि जब इकाई स्थापित किए जाने के लिए प्रस्ताव और प्रपोज बनाया गया था उसे समय इकाई का खर्च 4500 रुपए के आसपास आका गया था लेकिन महंगाई दर बढ़ाने की वजह से इकाई की स्थापना में 5500 करोड़ से अधिक की राशि खर्च होने की संभावना व्यक्ति की जा रही है हालांकि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के एमडी मनजीत सिंह के माध्यम से पूर्व में ही कहा जा चुका है की सारनी में 660 मेगावाट की अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई में जो खर्च होगा वह राशि को 3 से 4 वर्ष में बिजली उत्पादन करके उसे पूरा कर लिया जाएगा।

इनका कहना है
660 मेगावाट की अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर यूनिट क्रमांक 12 की निविदा जारी हो गई है जो जनवरी में खुलेगी और मार्च के प्रथम सप्ताह से इकाई का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा इकाई के निर्माण कार्य शुरू होने से सारनी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे विधानसभा क्षेत्र के लोगों की तरफ से मैं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं।
डॉ. योगेश पंडाग्रे आमला विधानसभा विधायक

By Vishal

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