- रात्रि ड्यूटी में पदस्थ डॉक्टर रहते गायब स्टाफ नर्स करती मरीजो का उपचार
आमला। कहने को तो आमला सामुदायिक स्वास्थ केंद्र को सिविल अस्पताल का शासन ने दर्जा दे दिया है और साढ़े 5 करोड़ का नया विशाल भवन भी अस्पताल के लिए निर्माण हो चुका है जिसका जल्द ही लोकार्पण हो सकता है।लेकिन इस सामुदायिक स्वास्थ केंद्र की अगर बात करे अस्पताल आज भी भगवान भरोसे ही है ।अधिकत्तर मरीजो को आज भी जिला चिकित्सालय रैफर कर इतिश्री कर ली जाती है।वही रात्रि मे जिन चिकित्सको की ड्यूटी होती है वह अक्सर रात में गायब रहते।ऐसा ही एक मामला दिनांक 7 अगस्त को हुआ लगभग रात 8 एक बालिका का स्वास्थ अचानक परिजन उसे नगर के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र लेकर उपचार के लिए पहुचे लेकिन अस्पताल में रात्रि ड्यूटी पर लगे हुए 1 भी डॉक्टर नही थे ।स्टाफ नर्स द्वारा ही मरीजो का उपचार किया जा रहा था।दूसरी ओर आवश्यक दवाई भी अस्पताल में नही थी जिनकी पर्ची लिखकर बाहर मेडिकल से खरीदने की सलाह दी जा रही थी। जिसके बाद परिजनों द्वारा मामले की शिकायत जिला सीएचएमओ ए के तिवारी को भी की उन्होंने परिजनों से कहा आप अभी उपचार करवा लो हम देखते है डॉक्टर ड्यूटी पर है उपस्थित क्यो नही है ।जिसके बाद परिजनों ने शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज करवाई ।गौरतलब होगा की रात्रि में दुर्घटना या अप्रिय वारदात,सर्प दंश या कोई अचानक बीमार हुआ व्यक्ति अस्पताल आए तो उसका भगवान ही मालिक है क्योंकि अस्पताल में रात्रि में पदस्थ डॉक्टर कर्तव्यहीनता करते है और स्टाफ मरीजो को बैतूल जिला चिकित्सालय रैफर कर देता है।सामुदायिक स्वास्थ केंद्र के बीएमओ अशोक नरवरे ने बताया रात्रि में ड्यूटी ड़ा एन के रोहित की लगाई गई थी लेकिन वे अचानक छुटी लेकर चले गए जिसके कारण असुविधा हुई है।