• अवैध खनन की लीपापोती करने के लिए भी अवैध खनन

चिचोली। विकासखण्ड के  गोधना डेम में अवैध खनन के मामले में पूरा प्रकरण उच्च स्तर पर जा चुका है। यही कारण है कि जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर शिरीष कुमार और बोधी के डायरेक्टर राजेन्द्र श्रीवास्तव ने गुरूवार को गोधना डेम का निरीक्षण किया है। जानकारी यह मिल रही है कि पूरे मामले की जानकारी जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट तक भी पहुंच चुकी है। यह पूरा मामला बंसल कंपनी के गले की हड्डी साबित हो रहा है। तमाम प्रयास के बावजूद इस मामले में बंसल कंपनी पूर्व के अन्य अवैध खनन की तरह इस मामले में मिट्टी नहीं डाल पा रही है।
चूंकि बारिश करीब है ऐसे में डेम को सुरक्षित करने के लिए कोई विकल्प न होने पर जल संसाधन विभाग ने बंसल कंपनी से ही उसके द्वारा किए गए अवैध खनन के गढ्डे भरवाना शुरू कर दिए हैं। इन गढ्डों को भरने के लिए भी बंसल कंपनी को अवैध खनन ही करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर इस अवैध खनन के मामले में अभी तक खनिज विभाग की रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

खनन की वजह से पानी सीपेज होने का खतरा मंडरा रहा…
बंसल कंपनी ने जिस तरह से अवैध उत्खनन किया है उसकी वजह से डेम नसे बारिश का पानी सीपेज हो जाने का खतरा बढ़ गया है। मतलब यह है कि डेम में जो बारिश का पानी जमा होगा वह कुछ दिनों में ही जमीन के अंदर चला जाएगा और डेम खाली हो जाएगा जिससे सिंचाई और पेयजल के लिए पानी नहीं मिल पाएगा।

गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है जल संरचना को नुकसान पहुंचाना…
जो जानकार है उनका कहना है कि इस तरह से जल संरचना को नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इस मामले में बंसल कंपनी के डायरेक्टर्स पर ही एफआईआर होना चाहिए। पूर्व में ओरिएंटल कंपनी के खिलाफ भी कोसमी और सांपना डेेम के अवैध खनन के मामले में प्रकरण दर्ज हुए थे और एक ई. ई. बर्खास्त भी हुआ था।

खनिज विभाग की रिपोर्ट पर लगी है सभी की नजर…
बंसल को लेकर जिस तरह का रूख खनिज विभाग का रहा है। उसको देखते हुए सबकी नजर खनिज विभाग पर लगी हुई है। खनिज विभाग के मेजरमेंट के आधार पर ही बंसल कंपनी पर अवैध उत्खनन में जुर्माने का प्रकरण बनेगा। उक्ताशय में खनिज अधिकारी का कहना है कि कुछ दिनों में रिपोर्ट बनाकर कलेक्टर को दे दी जाएगी।

By Vishal

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