आमला। ब्लाक के दर्जनों ग्रामो की। नदियों से सुबह से रात तक नदी से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन का सिलसिला जारी है ।लेकिन माइनिंग विभाग द्धारा कोई जाच व कार्यवाही नही की जा रही है। यहा तक नगर के पास में स्थित बेल नदी में खानापुर से जम्बाडा तक ट्रेक्टर ट्रालियों में रेत रोजाना परिवहन की जा रही है।ग्राम पंचायतों में होने वाली सीसी सड़के,पीएम आवासों सहित नलजल की क्रंकीट कार्य मे अवैध उत्खनन में निकाली गई रेत 4 हजार से 4500 रुपये तक बगैर रॉयल्टी के बेची जा रही है इसके अलावा वनविभाग के जंगलों की नदी से भी खनिज माफिया रेत उत्खनन करते है और अच्छा मुनाफा कमाते है ।नगर के संतोष कुमार ,राकेश ने बताया खनिज माफियाओं की मनमानी से नदिया खोखली हो गई है जिसके कारण नदियों में पानी संग्रहित नही हो रहा है वही जिम्मेदार खनिज विभाग कोई कार्यवाही नही करता जिससे उनके हौसले और बुलंद हो रहे है।वही बगैर रॉयल्टी के रेत उत्खनन कर खनिज माफिया शासन को राजस्व का चुना लगा रहे है।
ब्लाक के ग्रामो में रोजाना रेत उत्खनन और परिवहन
आमला ब्लाक के खानापुर,नांदीखेड़ा,छावल ,धुतमुर,जम्बाडा, रानीडोंगरी,कुटखेड़ी,बोरदेही,खारी, मोरखा,खेडलीबाजार,बारछी ,घाटावाडीकला,हरण्या ,खापा ,कोंडरखापा ,तिर्महु,लालावाड़ी सहित अन्य ग्रामो में रेत का उत्खनन कर अवैध भंडारण व परिवहन जारी है। उल्लेखनीय होगा की गेंहू की फसल कटाई के बाद खनिज माफिया बारिश होने तक जमकर रेत का उत्खनन करते है।आलम यह है की नांदीखेड़ा,लालावाड़ी ,देवगांव बेल नदी के घाट में खनिज माफियाओं ने लम्बी चौड़ी खदानें सुरंगनुमा खोद डाली है जिसके धसने से पहले भी हादसे हुए है और मजदूर घायल हुए है।