सारनी। विद्या, ज्ञान और कला की अधिष्ठात्रि देवी माँ सरस्वती के प्राकट्य दिवस पर सरस्वती विद्या मंदिर में हवन- पूजन और विद्यारंभ संस्कार का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान म. प्र. की योजनानुसार प्रदेश के समस्त सरस्वती शिशु मंदिरों में विद्यारंभ संस्कार हेतु 3 से 5 वर्ष की आयु के शिशुओं के पंजीयन का अभियान चलाया गया था। इसी कड़ी में सारनी में भी 150 से अधिक बच्चों का पंजीकरण हुआ, जिसमें 100 से अधिक बच्चे विद्यारंभ संस्कार के कार्यक्रम में अपने माता-पिता के साथ उपस्थित हुए। इससे पूर्व नगर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि अनूप कुमार त्रिपाठी “अनुपम” , पूर्व छात्र वैभव साहू एवं समिति सदस्य अभिनव द्विवेदी ने दीप-प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।पं. सुनील शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिशुओं से पाटी-पूजन एवं हवन कराकर उनका विद्यारंभ संस्कार किया। संस्था के प्राचार्य राजेन्द्र तिवारी ने विद्या भारती की शिक्षा और विशेषकर शिशुवाटिका की शिक्षा पद्धति के स्वरूप व उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष अंबादास सूने, सचिव योगेन्द्र ठाकुर एवं सदस्य नरेंद्र गूजर ने वरिष्ठ साहित्यकार अनूप कुमार त्रिपाठी ” अनुपम” एवं पूर्व छात्र वैभव साहू का शाल-श्रीफल द्वारा सम्मान किया गया। इस अवसर पर डीपी मिश्रा , मुरारीलाल मालवीय, लालबाबू गिरि, जितेन्द्र वर्मा,राकेश सोनी सहित विद्यालय स्टाफ, अभिभावक, पूर्व छात्र, पूर्व अभिभावकों एवं वर्तमान छात्रों की उपस्थिति रही।कार्यक्रम का संचालन श्रीमती अनीता कोसे एवं आभार प्रदर्शन विद्यालय की शिशुवाटिका प्रमुख सुश्री सरिता तिवारी ने किया।

By Vishal

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