सारनी। सतपुड़ा जलाश्य सारनी में इन दिनों चायनीज झालर लोकल मछुआरों के लिए मुसीबत बनी हुई यंहा तक कि मछुआरे मछली पकड़ने डेम में जा नही पा रहे है। जिससे मछुआरों के सामने रोजी रोटी की समस्या भी बनी हुई है। साथ ही मछली पकड़ने जाने वाले मछुआरों की जान को भी खतरा बढ़ने लगा है। सोमवार को कलेक्ट्रेट पंहुचकर इन मछुआरों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह द्वारा चाइनीज झालर की सफाई करने को लेकर करोड़ों रुपए के टेंडर जारी किए जाते है। इसके बाद भी सतपुडा तवा जलासय में चायनीज झालर फलफूल रही है। इतना ही नही इस जलाशय में मछलियों पर खतरा मंडरा रहा है चायनीज झालर पूरे डेम में फैली है। और पानी की गहराई तक इसकी जड़ें फैली है जिनमे फंसकर मछलिया मर रही है। कलेक्टर को ज्ञापन देने पँहुचे मछुआरों ने बताया की वार्ड नम्बर 10 के करीब दो सौ मछुआरों के परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मोहन मोरे ने बताया कि मछुआरों के लिए दस वर्षों के लिए पट्टा स्वीकृत हुआ है जिसका वह 85 हजार रुपये टेक्स सालाना देते है उसे माफ किया जाये। वही मछुआरे असीम का कहना है कि जब तक डेम से चायनीज झालर साफ नहीं हो जाती तब तक तो टेक्स माफ किया जाना चाहिए। डेम में चयनिज झालर होने की वजह से मछुआरे अपनी नाव लेकर भी अंदर नही जा पा रहे और न ही जाल लगा पा रहे है इतना ही नही डेम का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। यही पानी पेयजल के लिए सप्लाई होता है जो कि पीने योग्य नहीं है। ताप विद्युत गृह द्वारा इस चायनीज झालर को साफ करने के लिए करोड़ो रूपये का ठेका दिया हुआ बावजूद इसके ठेकेदार सफाई का काम नहीं कर रहा है।

By Vishal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *