सारनी। संस्कार भारती सारनी इकाई द्वारा स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर में दीपावली मिलन समारोह का भव्य आयोजन आनंद उत्सव के रूप में किया गया, जिसमें इकाई के पदाधिकारी एवं सदस्यगण बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यादायिनी माँ सरस्वती, भारतमाता एवं भगवान नटराज के समक्ष दीप प्रज्वलन और पूजन के साथ हुई। ध्येय गीत के उपरांत मंचस्थ अतिथियों का परिचय एवं पुष्प गुचछ से स्वागत किया गया । तत्पश्चात इस अवसर पर मध्यभारत प्रांत की संयोजक टोली के सदस्य अंबादास सूने ने अपने उद्बोधन में संस्कार भारती की स्थापना के उद्देश्य और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कार भारती की स्थापना सन 1981 में डाक्टर श्रीधर विष्णु वाकणकर ने गोरखपुर में की थी। समाज में कला, संस्कृति और संस्कारों के प्रति सकारात्मक भाव पैदा हो, इसके लिए हम सबको संस्कार भारती के कार्यों से लोगों को जोड़ना पड़ेगा। समाज में उपेक्षित कला-साधकों को मंच और प्रोत्साहन देना होगा। इस अवसर पर श्रीमती शुभ्रा केसरवानी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए मातृ शक्ति को संगठित होकर राष्ट्र हित में कार्य करने का आहवान किया । इकाई महामंत्री दीपक वर्मा ने आनंद उत्सव में उपस्थित हुए सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में साहित्य विधा प्रमुख राजेन्द्र प्रसाद तिवारी , उपाध्यक्ष बाबुराव गीद , पी एन बारंगे , एल आर धोटे , दीपक वर्मा , विवेक राजपूत , दिनेश मेवाडा , विकास चौरसिया ,सदाराम पवार , प्रवीण सोनी , शुभ्रा केसरवानी पुष्पलता बारंगे , जितेश दरवाइ , शाम्भवी चौरसिया एवं अनिल चंदेले सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।