शाहपुर। नगर में वर्तमान में चार एटीएम है जिसमें दो एसबीआई के एक बैंक ऑफ इंडिया तथा एक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का है ! परंतु उनकी सुरक्षा भगवान भरोसे है एटीएम पर ना तो कभी कोई गार्ड रहता है ना ही सहायता के लिए किसी की मदद ली जा सकती है जिससे कि कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। आए दिन एटीएम में नकदी की कमी रहती है जिससे कि आम उपभोक्ताओं को समस्याओं का सामना करना पड़ता है परंतु अधिकारी इन विषयों पर मौन धारण करते हैं और अपनी बातों से पल्ला झाड़ कर अधिकारियों पर समस्याएं डाल देते हैं ।
नोट की एक मशीन कार्ड खाने लगी है। इस पर कुछ शातिर सक्रिय हैं जो मशीन में फंसने वाले एटीएम कार्ड से कार्ड धारकों के खाते खाली कर रहे हैं। कई लोग इसके शिकार बन चुके हैं, लेकिन बैंक प्रशासन इससे बेपरवाह है। लाइट गुल तो एटीएम भी बंद यह नजारा तब देखने मिला जब बैंक उपभोक्ता ने अपने खाते से पैसे निकालने के लिए स्टेशन रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम में जैसे ही कार्ड डालकर पिन डाला वैसे ही एटीएम की प्रोसेस पूरी हुई, लेकिन 5 हजार रुपए एटीएम से बाहर निकलते इससे पहले ही लाइट चली गई जिससे मशीन कांउटर में पैसे नहीं आए। मंगलवार को शाहपुर में उपभोगता आशीष राठौर जब पेसे की जरूरत होने पर स्टेशन रोड स्थित एसबीआई के बैंक एटीएम से पैसे निकालने आए, लेकिन जैसे ही एटीएम में कार्ड एंटर कर पिन डालने के बाद अमांउट 5 हजार का भरा वैसे ही रुपए निकलने की प्रोसेस होती उससे पहले लाइट चली गई और बैंक का एटीएम बंद हो जाने से प्रोसेस तो हो गई, लेकिन रुपए बाहर नहीं निकले। उपभोक्ता आशीष राठौर इससे परेशान नजर आए और उन्होंने थोडी देर तकरीबन 20 मिनट इंतजार के बाद बैंक के परिचित को फोन लगाया, तो बोले की इन्तेजार करो कुछ समय में बापिस आ जायेंगे लेकिन कुछ हुआ नहीं। किसी ने बताया कि जैसे ही लाइट आएगी हो सकता है पैसे बाहर आएं इसलिए लाइट का इंतजार करो। लाइट आने का इंतजार करते रहे, लेकिन उनके रुपए एटीएम से बाहर नहीं निकले थक गए पर ना लाइट आई और ना ही पेसे मज़बूरी में दुसरे एटीएम पर जाकर पेसे निकले,और जब अपना खाता देखा तो 5 हजार रूपये कट गए थे ।