सारनी। त्रिरत्न बौद्ध विहार समिति सारनी में अन्वेषण शिविर का आयोजन हुआ जिसमें नागपुर से पधारे विनय रक्खित महाथेरो द्वारा धम्म देशणा में केडर केंप में बताया की बुद्ध धम्म में समानता बंधुता भाईचारा एवं न्याय पर आधारित है इसका पूर्ण रूप से पालन करना चाहिए भदंत विनय रक्खित महाथेरो ने शील सदाचार पर ज्यादा जोर देकर कहा कि बच्चों में नैतिकता का निर्माण करना हमारा प्रथम कर्त्तव्य होना चाहिए भारतीय संविधान में भी डॉ बाबा साहब अंबेडकर ने समानता, बंधुता, स्वतंत्रता और न्याय पर ज्यादा जोर दिया है। इस अवसर पर बालाघाट से एल. पी. मंडलेकर, डोंगरे , बैतूल से मिलिंद बौद्ध , डॉ सोनारे, मर्सकोले ,त्रिरत्न बौद्ध विहार समिति सारनी के अध्यक्ष नारायण चौकीकर, विठ्ठल ढोके,प्रकाश साल्वे, चंद्रकांत थमके, हीरालाल चौकीकर, त्रिलोक लोखंडे, बीआर मेश्राम, बलवंत पाटील, अशोक गजभिये, मुन्ना लाल कापसे, किरण तायडे, उपासिकाओं में पारबती चौकीकर, सीमा घानेकर, नंदा थमके, ललिता पाटील, कंचना ढोके, ममता चौकीकर ,मनोरमा हुमने, रेखा मालवी, नीलिमा मुझमुले ,सविता सिरसाठ, चन्द्रकला गजभिये, पिंकी वाहने, सहित समिति के कार्यकर्ता उपस्थित थे।