इंदौर। कुत्तों से लगाव के किस्से तो बहुत सुने होंगे। लेकिन एक पुलिस अफसर से कुत्तों की गहरी यारी है। उन्हें देखते ही झुंड जमा हो जाता है। मिलने के इंतजार में रातभर नाका पर बैठे रहते हैं। ये अफसर भी एक दो नहीं बल्कि 25 से ज्यादा कुत्तों को नाम से पहचानते हैं। शहर के बाणगंगा थाना के इंस्पेक्टर राजेंद्र सोनी पिछले कईं सालों से कुत्तों की देखभाल कर रहे है। उन्हें भोजना करवाने से लेकर दवाई की व्यवस्था वो खुद करते है। इतना ही नहीं थाना क्षेत्र बदलने के बाद भी कुत्तों की देखभाल का जिम्मेदारी पूरी निभाते है। सोनी के मुताबिक दिनभर थाने में सुनवाई,कानून व्यवस्था और आपराधिक प्रकरणों से फ्री होकर शाम छह बजे रोलकॉल करते हैं। इसके बाद कुछ लोगों की मदद से करीब 100 कुत्तों का भोजन तैयार किया जाता है। जिसमें पेडिगिरी, अंडे, दलिया, चिकन, मटन की खिचड़ी बनती है। रात्रि भ्रमण और थाना क्षेत्र में दौरा करते-करते कुत्तों को खाना परोसते जाते हैं। खाने के लिए गाड़ी में थर्माकोल की प्लेटें रहती हैं। सोनी को यह भी पता कि किस कुत्ते को क्या पसंद है। जैसे लवकुश चौराहा पर रहने वाले दो कुत्ते सिर्फ अंडे और चिकन की खिचड़ी ही खाते हैं तो उन्हें उसी प्रकार का भोजना परोसा जाता है। इस तरह वो हर महीने करीब डेढ़ क्विंटल पेडिगिरी और दस क्विंटल दलिया खिला देते है।
रात्रि गश्त पर टोल नाके पर पहुंच जाता का कुत्तों का हुजूम
इंस्पेक्टर सोनी बाणगंगा, मरीमाता, कुशवाह नगर,मुखर्जी नगर,लवकुश चौराहा से लेकर सुपर कॉरिडोर तक कुत्तों को खाना खिलाते हैं। कुत्तों को उनके आने का समय भी पता है। इतना ही नहीं कुछ कुत्तों को यह भी पता कि आज उनकी गश्त है और रात दो से तीन के बीच उनकी गाड़ी बारोली टोल नाका की आती है। कुत्तों का हुजूम उनके इंतजार में टोल नाका पर बैठा रहता है। इसके पूर्व वे सनावद थाना इंचार्ज थे। वहां भी वे 100 से ज्यादा कुत्तों को खाना खिलाते थे। तबादला होने पर उन्होंने कुछ लोगों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी और खाने की व्यवस्था कर आए।