• आईएएस अधिकारीयो के आदेश को तहसीलदार ने बदला

घोड़ाडोंगरी। 2016 में क्षतिग्रस्त घोषित हुई पंचायत की दुकानों को गुरुवार को पंचायत ने तहसीलदार के आदेश पर खुलवा दिया है। बताया जा रहा है कि 2016 में जनसुनवाई में मामला उठा था तब कलेक्टर ने जांच दल गठित कर बिल्डिंग वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट मांगी थी जिसमें पीडब्ल्यूडी विभाग ने जांच प्रतिवेदन तैयार कर बिल्डिंग को क्षतिग्रस्त बताया था जिसे गुरुवार को खुलवाया गया। विदित हो कि 2 माह पूर्व बेतूल में क्षतिग्रस्त बिल्डिंग गिरने के बाद इस तरह की बिल्डिंगों को तत्काल बंद करने के आदेश पुनः कलेक्टर द्वारा दिए गए थे लेकिन घोड़ाडोंगरी के अधिकारियों ने कलेक्टर के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए क्षतिग्रस्त दुकानों को खोलने की अनुमति प्रदान कर दी। इस पुरे मामले में तहसीलदार ने दुकान क्रमांक 1, 2 एवं 6 को आरईएस विभाग द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट के बाद खोलने के लिए कहा है जबकि इस मामले में सवाल ये है कि बिल्डिंग को पीडब्लूडी ने जब क्षतिग्रस्त घोषित कर दिया था तो आरईएस ने किस नियम के तहत इसका मूल्यांकन किया इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत की भूमिका सँदिग्ध नजर आ रही है। क्योंकि ग्राम पँचायत में बैठे कर्मचारी और कुछ प्रतिनिधि  इसे खुलवाने के लिए अधिकारियों को कई तरीके से गुमराह किया है। अब बस्ती के जागरूक लोग अब कोर्ट में जाकर क्षतिग्रस्त दुकानों को तुड़वाने की याचिका लगाने का मन बना चूके है |

क्या कहते हैं सचिव
तहसीलदार द्वारा दिए गए आदेश के आधार पर दुकानों की चाबी दी गई है |
बल सिंह इवने सचिव घोड़ाडोंगरी

जांच प्रतिवेदन के आधार पर दी अनुमति
जनपद पंचायत द्वारा जांच दल गठित किया गया था जिसमें आरईएस विभाग ने जांच प्रतिवेदन जनपद के माध्यम से मुझ तक पहुंचाया था जिनकी रिपोर्ट के आधार पर मैंने दो क्षतिग्रस्त दुकानों को बंद रखने एवं तीन दुकानों को खोलने की अनुमति दी |
मोनिका विश्वकर्मा तहसीलदार घोड़ाडोंगरी

By Vishal

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