सारनी। बिजली निजीकरण बिडिंग डाक्यूमेंट के विरोध में कर्मचारी संगठन ने आन्दोलन की चेतावनी दी है मध्य प्रदेश विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के अध्यक्ष मोतीराम जीवणे, सचिव रमेश गवांडे ने बताया की यूनियन के साथ अन्य संगठन और वर्गों के कर्मचारी निजीकरण के विरोध में है, अगर सरकार ने इसे वापस नहीं लिया तो सब मिलकर संयुक्त आन्दोलन करेंगे। संगठन के शाखा सचिव रमेश गव्हाडे द्वारा मुख्य अभियंता उत्पादन मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लि.सारनी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि केन्द्र शासन द्वारा देश के बिजली उद्योग को निजी हाथों में सौंपने प्रावधान से बिजली उद्योग से जुड़े अधिकारी कर्मचारी को भारी नुकसान के साथ देश केकिसानों व जनता के हितों के नुकसान को ध्यान में रखते हुए उक्त मसौदे का देश के कर्मचारियों के साथ, सतपुडा ताप विद्युत गृह के कर्मचारी इसका पुरजोर विरोध करते है। साथ ही शासन से अनुरोध करते है कि उक्त मसौदे को तत्काल निरस्त किया जावे अन्यथा संगठन देश भर के बिजली कामगारों के साथ राष्ट्रव्यापी आन्दोलन के लिए कृत संकल्पित है। मुख्य अभियंता उत्पादन मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लि.सारनी को संगठन के अध्यक्ष मोतीराम जेवणे, सचिव रमेश गव्हाडे, कोषाध्यक्ष साहेबराव धोटे, के नेतृत्व में उपस्थित होकर अजय डांगी, रघुनाथ साकरे, प्रकाश घोरसे, मनोज वर्मा, महेश बोरखड़े, चन्द्रशेखर मालवीय, सुनील तंगापन, प्रीतम सिंदूर सहित संगठन द्वारा ज्ञापन सौंपा गया ।