6 अप्रैल को होगा कार्य बहिस्कार – वी के एस परिहार

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  • विधुत वितरण कंपनियों के निजीकरण के विरोध में फोरम की बैठक

सारनी। यूनाइटेड फोरम के  संयोजक सोनू प्रताप पांडे, अभियंता संघ के हिरेश तिवारी ओर  विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन के  क्षेत्रीय  महामंत्री अंबादास सूने  ने बताया कि  मध्यप्रदेश  यूनाइटेड फोरम के महासचिव वी के एस परिहार मध्यप्रदेश के बिजली कंपनीयो के निजीकरण के विरोध में   यूनाइटेड  फोरम की ओर से एक दिवसीय प्रवास पर सारनी आये। इस मौके पर    प्रमुख  मांगो में  केंद्र सरकार द्वारा वितरण कंपनियों के निजीकरण  एवं जारी स्टैण्डर्ड बिड डाकयूमेट को मध्यप्रदेश में  लागू नहीं किया जाए । प्रदेश में कार्यरत सभी संविदा कर्मचारी/अधिकारीयो  को बिहार एवं  आधप्रदेश सरकार की तरह नियमित करना। मध्यप्रदेश राज्य  विद्युत मंडल के कार्मिको की पेंशन की सुनिश्चित व्यवस्था उत्तर प्रदेश शासन की तरह गारंटी लेकर पेंशन ट्रेजरी से देना । अधिकारी/ कर्मचारीयो के सभी वर्गों की  *O3वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए । कंपनी केडर के कार्मिको को एवं   संविदा कर्मीयो को 50 % साथ ही सेवा निवृत्त कार्मिकों को 25 % विद्युत  छुट देना। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्थगित किये गये महंगाई भत्ता ओर वार्षिक वेतन वृद्धि का लागू कर  भुगतान किया जावे। इस अवसर पर  श्री परिहार ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण असंतोष है। समय रहते सरकार ने यूनाइटेड फोरम के साथ ठोस चर्चा नहीं की तो फोरम  आर पार की लड़ाई के लिए तैयार है। फोरम के सभी सहयोगी संगठन बिजली उधोग के निजीकरण के विरोध में है। इस मौके पर हिरेश तिवारी , कुशल जैन , अतुल सिंह , पियुष गोर , दीपक वर्मा , लाल बाबू गिरी , एस एन सिंह ,  बाबू राव गीद , जितेन्द्र वर्मा , एल आर धोटे , प्रभात तिवारी ,शहबाज आलम , अमित सल्लाम एव अनेक सदस्य उपस्थित थे।

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