बैतूल। नर्मदापुरम् आयुक्त श्री रजनीश श्रीवास्तव ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रकरणों में पुलिस विभाग एवं जिला अभियोजन अधिकारियों के मध्य समन्वय हेतु नोडल अधिकारी बनाए जाएं, ताकि प्रकरणों के तत्परता से निराकरण की कार्यवाही हो सके। उन्होंने अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये। कमिश्नर श्री श्रीवास्तव की अध्यक्षता में 26 अगस्त को कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत गठित संभाग स्तरीय सतर्कता सलाहकार एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस उप महानिरीक्षक श्री दीपक वर्मा, कलेक्टर होशंगाबाद श्री धनंजय सिंह, कलेक्टर बैतूल श्री राकेश सिंह, कलेक्टर हरदा श्री संजय गुप्ता, पुलिस अधीक्षक होशंगाबाद श्री संतोष सिंह गौर, पुलिस अधीक्षक हरदा मनीष अग्रवाल , पुलिस अधीक्षक बैतूल सुश्री सिमाला प्रसाद सहित तीनों जिले के जिला अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री जेपी यादव द्वारा अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत प्रकरणों के संबंध में विभिन्न बिन्दुओं पर प्रस्तुतिकरण किया गया, जिनपर बैठक में चर्चा की गई।
कमिश्नर श्री श्रीवास्तव ने कहा कि अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों में अधिनियम के प्रावधानों के तहत पीडि़तों को समय पर राहत राशि दी जाए। उन्होंने संभाग के तीनों जिले में राहत राशि के प्रकरणों में स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही शीघ्र किये जाने के निर्देश दिये। कमिश्नर ने कहा कि जिन प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र के अभाव में राहत राशि का वितरण लंबित है, ऐसे प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति कर समय-सीमा में जाति प्रमाणपत्र जारी करें। कमिश्नर ने संभाग के जिलों में अत्याचार अधिनियम के प्रकरणों में अनुविभागीय स्तर पर समीक्षा करके जाति प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने संभाग के तीनों जिले के राहत राशि के लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर निर्देशित किया कि राहत राशि के प्रकरणों में संबंधित व्यक्तियों से संपर्क कर प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करे। कमिश्नर ने तीनों जिले में जिला/उपखंड स्तरीय सतर्कता एवं मानीटरिंग समिति की बैठक तय समयानुसार आयोजित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आगामी समय में धार्मिक त्यौहारों/पर्वों पर कोरोना संक्रमण से सुरक्षा हेतु शासन की गाइड लाइन का गंभीरता से पालन कराया जाना सुनिश्चित करें।
बैठक में अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत जनवरी 2020 से जुलाई 2020 तक पुलिस विभाग में दर्ज प्रकरणों, राहत पुर्नवास एवं अन्य सुविधाओं, अधिनियम अंतर्गत न्यायालयों में प्रचलित प्रकरणों की स्थिति की एवं अन्य प्रकरणो की समिति द्वारा समीक्षा की गई।