सारनी। नगरीय निकाय के प्रेमनगर में विगत कुछ दिनों में दिन-प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के मामले सामने आये जिसकी संख्या बढ़कर 15 पर पहुँची, फिलहाल इसके बाद कोई संक्रमण के केस प्रेमनगर में देखने को नहीं मिले। हालांकि सभी संक्रमितों ने कोरोना से जंग जीती जिन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा छुट्टी दे दि गई। वही इन संक्रमितों में 2 ऐसे लोग शामिल हैं जो कि घोड़ाडोंगरी से छुट्टी होने के पश्चात घर आये जिन्हें 15 दिन कोरोंटाईन रहने के निर्देश दिये गए थे, परंतु वे बिना कोरोंटाईन के समय को पूरा किये कंटेन्मेंट जोन छोड़कर कहीं चले गये। प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 अगस्त को 2 मरीज संक्रमित होने के पश्चात कोविड केयर सेंटर से छुट्टी दी गयी थीं। जिन्हें स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिये थे, उक्त 2 लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों की अवहेलना कर पिछले 2 दिनों में बाहर चलें गये। जिसकी जानकारी घोड़ाडोंगरी तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा को लगी, जिस पर उन्होंने उक्त बात की पुष्टि के पश्चात सारनी थाने में एफआईआर हेतु निर्देश दिये। वही घोड़ाडोंगरी तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा ने बताया कि 2 कोरोना संक्रमित मरीज जो कि ठीक होने के पश्चात अपने घर आये थे वे 15 अगस्त को रात्रि 2.30 बजे घर से मोटर साइकिल लेकर अन्यत्र चले गए हैं। जानकारी की पुष्टि कराई गई और दोनों कोरोना संक्रमित घर पर नहीं मिले। जिनके द्वारा कोरोना महामारी के दौरान किया गया ये कृत्य दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता हैं। जिसको देखते हुए धारा 144 दंड प्रक्रिया संहिता 1973, सहपठित आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं मध्य प्रदेश शासन के द्वारा दिनांक 23 मार्च 2020 को जारी एपिडेमिक डिजीज कोविड-19 विनियम 2020 के अंतर्गत उक्त दोनों व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने हेतु सारनी थाने को पत्र लिखा गया है।