सारनी। पाथाखेड़ा के इतिहास मे पहली बार संयुक्त मोर्चा की सबसे सफल हड़ताल 100% सफल हुई। बताया जाता हैं कि 3 दिवसीय हड़ताल के पहले दिन प्रथम पाली मे किसी भी खान में कोई कामगार काम करने नहीं पहुँचा। वही प्राप्त जानकारी से कोल् इंडिया मे देश भर मे कोयला खदानों को 2, 3 और 4 जुलाई को हड़ताल के लिए संयुक्त मोर्चा ने पिछले महीने भर से लगातार मेहनत कर एक-एक मजदूर को सरकार की मजदूर विरोधी नीतियाँ बताई जिसका परिणाम यह रहा कि हड़ताल के प्रथम दिन में ही पाथाखेड़ा क्षेत्र मे हड़ताल 100% सफल रही। इस हड़ताल के दौरान सभी खदानों हॉस्पिटल, महाप्रबंधक कार्यालय, सिविल आफिस, वर्कशॉप, पम्प हॉउस सभी जगह 100% हड़ताल रही और एक खास बात सुरक्षा प्रहरी जो खदान की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्य पर लगाये जाते थे, वो भी हड़ताल पर रहे, उन के स्थान पर पुलिस प्रशासन को खदान की सुरक्षा मे तैनात किया गया। हड़ताल के लिए खदान, कॉमन प्रत्येक यूनियन के अध्यक्ष, सचिव आपने कार्यकर्ताओ के साथ खान पर मौजूद रहे। वही हड़ताल को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के पदाधिकारीयों को लेकर 3 विशेष दल बनाया गया है, जिसमें वरिष्ठ नेताओं के दल बनाये गए। साथ ही क्षेत्र के अध्यक्ष महामंत्री को ऑब्जरवेशन के दल बनाये गए। जिसमें ऑब्जरवेशन दल अंतर्गत बीएमएस के महामंत्री बिजेंद्र सिंह, इंटक अध्यक्ष आशिक खान, इंटक के महामंत्री भरत सिंह, एटक महामंत्री के श्रीकांत चौधरी, एचएमस के अध्यक्ष अमृत लाल, सीटू के अध्यक्ष कलिका प्रसाद, अशोक मालवीय के साथ वरिष्ठ नेता ऑब्जरवेशन को शामिल किया गया। वही संयुक्त मोर्चा के 3 विशेष दल में प्रत्येक संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारी को रखा गया। जिसमें दल 1 में महेंद्र ठाकुर, दामोदर मिश्रा, अशोक बुंदेला, उपरीत बाबू, रामा वाइकर, जगदीश डिगरसे और क्षेत्र के वरिष्ठ पदाधिकारी, दल 2 में सीटू के वरिष्ठ नेता कामेश्वर राय, धनराज, अशोक सेलकारी, मनीष, सुदामा सिंह आदि वरिष्ठ नेता, दल 3 की कमान बीएमएस के वरिष्ठ रणधीर सिंह, एचएमएस के महामंत्री अशोक नामदेव, इंटक उपाध्यक्ष सादिक रिज़वी, एटक के झरबड़े सीटू केएल के प्रसाद ने संभाली। संयुक्त मोर्चे की इस हड़ताल में रणनीति और कामगारों के सरकार के प्रति आक्रोश ने ऐतिहासिक हड़ताल बनाया। जो श्रमिक संगठन ने लक्ष्य रखा था शून्य उत्पादन, शून्य मैनपावर, शून्य डिस्पैच वो लक्ष्य को हड़ताल के प्रथम दिन सयुक्त मोर्चा प्राप्त कर लिया है। संयुक्त मोर्चा के द्वारा की जा रही 3 दिन की हड़ताल में पहले दिन वेकोलि प्रबंधन को कितना नुकसान हुआ एवं क्या यह हड़ताल सफल रही इस संबंध में जानकारी लेने हेतु वेकोलि महाप्रबंधक पीके चौधरी को दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई परंतु वे किसी कार्य में व्यस्त होने के कारण जवाब नहीं दे पाये।

इनका कहना हैं

संयुक्त मोर्चा द्वारा की जा रही हड़ताल के पहला दिन 100% सफल रहा, वेकोलि प्रबंधन की सभी खदानों पर उत्पादन ठप रहा। प्रतिदिन के अनुसार हड़ताल के पहले दिन कामगारों के खदान पर नहीं पहुँचने से 4200 टन कोयला उत्पादन बाधित रहा।

राजेश नायर, एपीएम वेकोलि क्षेत्र

By Vishal

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