सारनी। इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ददई दुबे पूर्व सांसद ने कोयला उद्योग में कमर्शियल माइनिंग व कोयला उद्योग में 100% विदेशी निवेश के सरकार के फैसले के विरुद्ध 2 जुलाई से 4 जुलाई तक कोयला उद्योग में होने वाले देशव्यापी चक्का जाम हड़ताल का नोटिस प्रधानमंत्री को भेजा। जिसमें हड़ताल के नोटिस क्रमांक 168 के माध्यम से इंटक ने मांग किया है की जेबीसीसीआई 10 के सिफारिशों को लागू करते हुए महारत्न कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड एवं उसकी अनुषंगी कंपनियों में कार्य कर रहे ठेका मजदूरों को समान कार्य समान वेतन दिया जाए, तथा कमर्शियल माइनिंग वाह 100% विदेशी निवेश का फैसला सरकार वापस ले। अगर समय रहते भारत सरकार ने इंटक यूनियन की मांगे नहीं मानी तो देशव्यापी चक्का जाम हड़ताल होना तय है। जिसको लेकर 2 जुलाई से 4 जुलाई तक होने वाले तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने की जवाबदारी इंटक यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ददई दुबे ने इंटक के सेक्रेटरी जनरल एडवोकेट एनजी अरुण को सौंपा है तथा डब्ल्यूसीएल एवं एसईसीएल की जवाबदारी आरसीएमएस के कोषाध्यक्ष पी शर्मा एवं उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह को सौंपा हैं।