सारनी। शासन द्वारा निर्मित जलाशयों, तालाबों में मछुआरों की मांग अनुसार व्यवस्थाएं रखे जाने के संबंध में जिला मांझी मछुआ जनजाति समाज संगठन के जिला के प्रतिनिधियो ने विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे से मुलाकात की। जानकारी देते हुए जिला मांझी मछुआ जनजाति समाज संगठन के जिलाध्यक्ष मोहन मोरे ने बताया कि समाज द्वारा विधायक पंडाग्रे को समस्या से अवगत कराते हुए बताया कि उनके समाज सरकार द्वारा निर्मित जल संरचनाओं में मत्स्यपालन कर जीविकोपार्जन है। इन जल संरचनाओं में कमियों के कारण मछुआ समाज के सदस्यों को परेशानियों सामना करना पड़ता है। जिसमें कि अधिक वर्षा होने से मछुआ समितियों द्वारा जलाशय में डाले गये मत्स्य बीज वेस्टवीयर के साथ बह जाते हैं जिससे मछुआ समितियों को अत्यधिक आर्थिक हानि उठानी होते होती, जिसके लिये हमारे द्वारा मांग की गई कि वेस्टवीयर में 10 फीट की दूरी पर पाईप लगाकर लगाई जाए जिससे ओव्हरफ्लो पानी के साथ मत्स्य बीज न बह पाएं। वही नवीन जलाशयों के निर्माण के समय जलगृहण क्षेत्र में पुराने पेड़, झाड़ियाँ आदि आ जाते हैं। बाद में मछुआ समाज मे लोगों को मत्स्याखेट करते समय इन पेड़ो एवं झाड़ियो नाव, जाल आदि फंसने से आर्थिक नुकसान तो होता ही है, साथ ही जान का जोखिम भी रहता है। जिसको लेकर हमारे द्वारा मांग उठाई गई कि नवीन निर्मित जलाशयों से पुराने पेड़ एवं झाडियों को भी अनिवार्य रूप हटाया जाये। वही जिलाध्यक्ष मोहन मोरे ने बताया कि समाज की मांग पर विधायक पंडाग्रे ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखा और मछुआ समुदाय की मांग के अनुसार उक्त बिन्दुओं पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु संबंधित विभागों को निर्देश जारी करने हेतु अपील की।