भोपाल. मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच की उठापटक अभी थमी नहीं है. ताजा मामला एक बार फिर तबादलों से जुड़ा है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने बीती रात प्रदेश के 7 जिलों के डीएम का तबादला कर दिया है. गौर करने वाली बात यह है कि इन सभी कलेक्टरों की नियुक्ति कांग्रेस सरकार के दौरान की गई थी. दरअसल, शिवराज सरकार ने शनिवार देर रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 16 IAS अधिकारियों के तबादले किए, जिनमें 7 जिलों के कलेक्टर भी शामिल हैं. साथ ही इंदौर संभाग के कमिश्नर और भोपाल नगर निगम के कमिश्नर को भी बदल दिया गया है.
शिवराज सरकार ने इन अफसरों की जगह जो नई नियुक्तियां की हैं, उसमें खास बात यह है कि जिन कलेक्टरों को हटाया गया है, वे सभी कांग्रेस की सरकार में नियुक्त किए गए थे. प्रशासनिक सर्जरी के तहत जिन जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, उनमें धार, रीवा, मंडला, देवास, सिंगरौली और आगर मालवा शामिल है. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध करने वाले मंडला कलेक्टर जगदीश चन्द्र जटिया को मंत्रालय में उपसचिव बना दिया गया है. इंदौर संभाग के कमिश्नर आकाश त्रिपाठी को भी हटा दिया गया है, जबकि भोपाल नगर निगम के कमिश्नर वी. विजय दत्ता की जगह अब वीएस चौधरी भोपाल के नए निगम कमिश्नर होंगे.
कौन कहां हुआ नियुक्त
आलोक कुमार सिंह धार के नए कलेक्टर होंगे. वहीं, इलैयाराजा टी को रीवा का कलेक्टर बनाया गया है. अनिल कुमार खरे मंडला के तो चन्द्रमौली शुक्ला देवास के नए कलेक्टर होंगे. राजीव रंजन मीना को सिंगरौली जिले का प्रभार मिला है, तो अवधेश शर्मा आगर मालवा के नए डीएम होंगे. इसके अलावा वीएस चौधरी भोपाल नगर निगम के नए आयुक्त होंगे. वहीं इंदौर संभाग के कमिश्नर आकाश त्रिपाठी को MP पावर मैनेजमेंट कंपनी का एमडी बनाया गया है. उनकी जगह पवन कुमार शर्मा इंदौर संभाग के नए कमिश्नर होंगे.
तबादलों पर सियासत
शनिवार देर रात हुए तबादलों को लेकर प्रदेश में एक बार फिर सियासत शुरू हो गई है. एक तरफ बीजेपी ने जहां इसे सामान्य प्रक्रिया करार दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने पूरे कोरोना आपदा के दौरान तबादला उद्योग चलाया है. आपको बता दें कि इससे पहले भी जब शिवराज सरकार ने एक साथ 50 IAS अधिकारियों के तबादले किए थे, उस समय भी कांग्रेस ने कई सवाल खड़े किए थे.