भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज 7 मई दोपहर 2 बजे श्रम सुधार को लेकर बड़ा ऐलान कर सकते हैं. राज्य में श्रम सुधार को लेकर नया मॉडल तैयार किया जा सकता है. इसके साथ ही रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने के लिए एक हजार दिन की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
मिली जानकारी के मुताबिक कोरोना संकट के बीच कारखानों में कम से कम नियोजन के साथ ज्यादा उत्पादन करने की योजना को लेकर घोषणा की जा सकती है. सरकार सभी कारखानों में श्रमिकों की शिफ्ट बढ़ाने और सप्ताह में 72 घंटे तक ओवरटाइम करने की अनुमति भी दे सकती है. साथ ही बताया जा रहा है सरकार कारखाना अधिनियम में 120 धाराओं में से लगभग 90 धाराओं में छूट प्रदान कर सकती हैं।
बता दें कि कारखानों को वर्तमान में दो रिटर्न के जगह एक रिटर्न की व्यवस्था की जा सकती है साथ ही कारखानों के नक्शा अनुमोदन, पंजीयन और लाइसेंस का नवीनीकरण सहित इत्यादि व्यवस्थाओं को 1 दिन में जारी करने की घोषणा भी हो सकती है।
खबर है कि सीएम मध्य प्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960 को लेकर कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं करने के साथ-साथ संविदा स्वयं विनियमन एवं प्रतिबंध अधिनियम 1970 के अंतर्गत कुछ महत्वपूर्ण फैसले ले सकते हैं।
बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 के अंतर्गत दुकान खुलने एवं बंद करने के समय में भी वृद्धि हो सकती है. अंतरराज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 में भी सरकार द्वारा कुछ बड़ी घोषणाएं करने की संभावना है. वहीं मध्य प्रदेश श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 के कुछ प्रावधानों में छूट भी मिल सकती है।
बता दें कि राज्य सरकार ने अनावश्यक निरीक्षणों में छूट के प्रावधान तैयार किए हैं. सरकार ने श्रम कानूनों में न्यायालयीन कार्रवाई के विकल्प के रूप में भी कुछ प्रावधान तैयार किए हैं. बताया जा रहा है कि श्रम कानूनों एवं कारखानों में से संबंध लगभग 20 सेवाओं को लोक सेवाओं से जोड़ कर एक दिन में अनुमति प्रदान करने की भी सुविधाएं दी जा सकती हैं।