भोपाल. कोरोना आपदा (COVID-19) के बाद आर्थिक स्थिति को सुधारने और रोजगार की चुनौती से निपटने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने श्रम कानूनों में सुधार को लेकर बड़े ऐलान किए हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रम सुधारों को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए प्रदेश में श्रम सुधार का नया मॉडल लॉन्च किया है. इसमें कारोबारी और उद्योगपतियों को सहूलियत देने के साथ-साथ श्रमिकों को रोजगार देने के लिए 1000 दिन की कार्ययोजना तक शामिल की गई है.

इंस्पेक्टर राज को खत्म करने के कदम 
नई योजना के तहत सरकार ने कारखानों से लालफीताशाही और इंस्पेक्टर राज को खत्म करने के कदम उठाए हैं. अब बिना वजह किसी फैक्ट्री का इंस्पेक्शन नहीं होगा. कारखानों में जो श्रमिक (कामगार) हैं उनकी शिफ्ट बढ़ाने और सप्ताह में 72 घंटे तक के ओवरटाइम देने की मंजूरी मालिकों को दी गई है. हालांकि इसके एवज में फैक्ट्री मालिक को कर्मचारियों को ओवरटाइम के हिसाब से भुगतान भी करना होगा. छोटे-मोटे दुकानदारों के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने दुकानें खोलने की समय सीमा को बढ़ा दिया है. अब सरकार जिन इलाकों में दुकानें खोलने की मंजूरी देगी वहां दुकानें सुबह छह बजे से रात 12 बजे तक खुल सकेंगी.

श्रम कानून में संशोधन की प्रमुख बातें

– लालफीताशाही और इंस्पेक्टर राज को खत्म करने के लिए उठाए गए कदम  फैक्ट्री लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस अब एक दिन में मिलेगा, एक दिन में रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो अधिकारी पर जुर्माना लगेगा
– कारखाना लाइसेंस रिन्यूअल अब हर साल के बजाए 10 साल में होगा
– कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट के तहत कैलेंडर वर्ष की जगह अब लाइसेंस पूरे ठेका अवधि के लिए मिलेगा
– नए कारखानों के रजिस्ट्रेशन अब पूरी तरह ऑनलाइन होंगे
– किसी भी स्टार्ट अप उद्योग को एक बार ही रजिस्ट्रेशन कराना होगा
– कारखानों में काम करने की शिफ्ट आठ के बजाए 12 घंटे हो सकेगी
– एक हफ्ते में 72 घंटे ओवर टाइम करा सकेंगे फैक्ट्री मालिक, ओवर टाइम का भुगतान मजदूरों को करना होगा
– कारखानों में अब एक ही रजिस्टर रखना होगा और एक ही रिटर्न भरना होगा
– इंस्पेक्टर राज खत्म करने के लिए एम्प्लॉयर खुद थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन करा सकेगा
– प्रदेश में दुकानें खुलने का समय सुबह छह बजे से रात 12 बजे तक होगा

By Vishal

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