- 850 से अधिक विद्यार्थियों और अभिभावकों ने लिया व्यंजनों का आनंद, पारंपरिक खान-पान से लेकर आयुर्वेद तक की दी गई जानकारी
सारनी। बाल दिवस के अवसर पर सुखाढाना पंचायत अंतर्गत स्थित पीएलएस इंटरनेशनल स्कूल के प्रांगण में गुरुवार को आयोजित बाल मेले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह,उमंग और जिज्ञासा देखते ही बनी। विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल, पारंपरिक खान-पान की झलक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया। आयोजन में 950 से अधिक विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने सहभागिता कर बाल दिवस के उल्लास को साझा किया।कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे पूरनलाल सोनी इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर लोकेश सोनी, विद्यार्थियों एवं स्कूल स्टाफ की उपस्थिति में मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात बाल मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। मेले में विद्यार्थियों ने अपनी रुचि और कल्पनाशीलता के अनुरूप विभिन्न खाद्य सामग्री के स्टॉल सजाए, जहां अभिभावकों और विद्यार्थियों ने व्यंजनों का आनंद लिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के डायरेक्टर लोकेश सोनी ने कहा कि बाल मेले के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुरूप स्टॉल लगाने का अवसर प्रदान किया गया है। सरसों के साग और मक्के की रोटी, इडली-सांभर सहित विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आत्मसात करने का प्रयास किया।श्री सोनी ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता,सामाजिक सरोकार और व्यवहारिक ज्ञान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाल दिवस पर आयोजित यह मेला बच्चों को सीखने के साथ-साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। विद्यालय के शिक्षक केशव गिरी ने बाल मेले की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को खान-पान में संयम और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। मेले में आयुर्वेदिक औषधियों के स्टॉल के माध्यम से विभिन्न औषधियों के उपयोग और उनके लाभों की जानकारी भी दी गई। इससे विद्यार्थियों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।स्वाति सोनी ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में सामाजिक सरोकारों की समझ विकसित करते हैं तथा उन्हें सामूहिक सहभागिता और सहयोग की भावना से जोड़ते हैं।दोपहर 2:30 बजे के बाद शोभापुर कॉलोनी के व्याख्या प्राप्त संगीत संध्या सांस्कृतिक मंच के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक पुराने गीतों की प्रस्तुति देकर समारोह में संगीत का रंग घोल दिया। मनोज भट्टाचार्य,सपन कामला,विनीत शाह, मनोज प्रधान,सूरज जावरे और दिलीप पाटिल की संगीतमय प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।कार्यक्रम के अंत में सुमैया परवीन ने अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में रीना राजा,रीना सिनोटिया,निशा गुप्ता, स्वाति सोनी,जीना खान, ज्योति भूमरकर,उमेश श्रीवास्तव,सुनील भूमरकर और केशव गिरी सहित स्कूल स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।बाल मेले ने विद्यार्थियों को मनोरंजन के साथ व्यवहारिक शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सहभागिता का संदेश देते हुए बाल दिवस को उत्साहपूर्ण एवं अविस्मरणीय बना दिया।