• ग्राम पंचायत के पंच से दो बार विधायक तक का सफर,सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के लिए जीवनभर रहे समर्पित 80 वर्ष की उम्र में भोपाल एम्स में ली अंतिम सांस

सारनी। आमला विधानसभा क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक जीवन में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले पूर्व विधायक चेतराम मानकर का रविवार, 1 नवंबर 2026 को सुबह 7 बजे भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से आमला सहित बैतूल जिले में शोक की लहर दौड़ गई। जनसेवा,संघर्ष और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पित उनका जीवन क्षेत्र के लोगों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।उनके पुत्र कैलाश मानकर ने बताया कि चेतराम मानकर को उपचार के लिए 1 सितंबर 2026 को भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया था। तब से उनका उपचार चल रहा था। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे चेतराम मानकर ने रविवार सुबह अंतिम सांस ली। उनके निधन से परिवार सहित राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।

ग्राम पंचायत से विधानसभा तक जनसेवा का सफर

चेतराम मानकर का जन्म 1 जुलाई 1946 को बैतूल जिले के खपरडाखेड़ी गांव में हुआ था। प्रारंभ से ही सामाजिक सरोकारों और जनहित के कार्यों में उनकी विशेष रुचि रही। उन्होंने वर्ष 1970 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और ग्रामीण स्तर से जनसेवा का मार्ग चुना।वर्ष 1970 से 1975 तक ग्राम पंचायत उमरिया में पंच तथा 1975 से 1980 तक उपसरपंच के रूप में उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को करीब से समझते हुए उनके समाधान के लिए प्रयास किए। इसके बाद वर्ष 1994 से 1999 तक जिला पंचायत बैतूल के सदस्य के रूप में क्षेत्रीय विकास में योगदान दिया।
भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर उन्होंने संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2004 से 2007 तक भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला महामंत्री रहे। वर्ष 2006 से भाजपा के प्रदेश प्रतिनिधि के रूप में भी संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।

दो बार विधायक बनकर किया क्षेत्र का प्रतिनिधित्व

चेतराम मानकर ने अपने लंबे राजनीतिक सफर में आमला विधानसभा क्षेत्र का दो बार प्रतिनिधित्व किया। वे वर्ष 2008 से 2013 तथा वर्ष 2013 से 2018 तक विधायक रहे। विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं, ग्रामीण विकास और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।उनकी राजनीतिक यात्रा इस बात का उदाहरण रही कि जनसेवा का संकल्प लेकर ग्राम पंचायत से शुरुआत करने वाला व्यक्ति निरंतर संघर्ष और समर्पण के बल पर विधानसभा तक पहुंच सकता है।

सामाजिक सरोकारों और कृषि नवाचारों से रहा विशेष जुड़ाव

चेतराम मानकर का जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहा। वे सामाजिक सेवा,जल संरक्षण और कृषि क्षेत्र में नवीन प्रयोगों के प्रति विशेष रुचि रखते थे। कृषि को उन्होंने अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाए रखा और समाज के बीच रहकर जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी।उनकी शिक्षा हाईस्कूल स्तर तक हुई थी,लेकिन जनजीवन की समस्याओं की समझ, अनुभव और सेवा भावना ने उन्हें क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई। सामाजिक कार्यकर्ता लंबे समय तक उनके सहयोगी रहे रजीत सिंह ने बताया कि चेतराम मानकर लंबे समय से बीमार थे और भोपाल एम्स में उनका उपचार चल रहा था। उनका पेट का ऑपरेशन भी हुआ था।चेतराम मानकर अपने पीछे पत्नी भारतीय मानकर, तीन पुत्र और चार पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार ने अपना मार्गदर्शक खो दिया,वहीं आमला विधानसभा क्षेत्र ने जनसेवा और सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित एक अनुभवी जनप्रतिनिधि को खो दिया।चेतराम मानकर का जीवन संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की ऐसी यात्रा रहा,जो आने वाली पीढ़ियों को समाज के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा। उनका अंतिम संस्कार आज 2 नवंबर को बैतूल गंज मोक्षधाम मे प्रातः 10 बजे किया जायेगा!

By Vishal

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