• स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री पर सरकार का नया आदेश; सोमवार से काम शुरू करेंगे

भोपाल। प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री कराने के लिए निष्पादक (एक्जीक्यूटर) बनाए गए पटवारियों के खिलाफ अब इस प्रक्रिया से जुड़े मामलों में किसी तरह के विवाद या अपराधिक स्थिति बनने पर केस दर्ज नहीं हो सकेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पटवारी संघ के पदाधिकारियों की मुलाकात के बाद राजस्व विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा कराई जाने वाली रजिस्ट्री की प्रक्रिया के मामले में पटवारियों पर बीएनएस की धारा 218 के अंतर्गत अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
राजस्व विभाग ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निपटान एवं पंजीयन योजना 2026 के तहत यह प्रावधान किया है। योजना के अंतर्गत भू-अभिलेखों के आधार पर भू-अधिकारों के निपटारे और पंजीयन की प्रक्रिया भारतीय रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 तथा संबंधित प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। इसके लिए 13 अगस्त 2026 को जारी आदेश में पटवारियों को राज्य शासन की ओर से रजिस्ट्री कराने के लिए निष्पादक नियुक्त किया गया था।
अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी जाएगी
राजस्व विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य शासन की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्री कराने के संबंध में पटवारियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 218 के तहत अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी जाएगी। यह आदेश 17 सितंबर 2026 को जारी पूर्व आदेश को अधिक्रमित करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद फैसला, सोमवार से रजिस्ट्री कराएंगे पटवारी

राज्य सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री कराने के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से एक महीने के भीतर 50 लाख रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, निष्पादक बनाए जाने के बाद कानूनी कार्रवाई की आशंका जताते हुए पटवारी इसका विरोध कर रहे थे।

शुक्रवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पटवारी संघ के पदाधिकारियों की मुलाकात हुई। इसमें पटवारियों को कानूनी विवादों से राहत देने के लिए आदेश जारी करने पर सहमति बनी। इसके बाद राजस्व विभाग ने आदेश जारी कर दिया। अब पटवारी सोमवार से रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू करेंगे।

By Vishal

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