- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में किसान कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
- प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में रबी फसलों की एमएसपी में वृद्धि किसानों के हित में बड़ा निर्णय है
- केंद्र सरकार ने उत्पादन लागत पर डेढ़ गुना एमएसपी का संकल्प पूरा किया -श्री हेमंत खण्डेलवाल
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने विपणन सीजन वर्ष 2027-28 के लिए सभी रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसान हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रबी फसलों की एमएसपी में की गई वृद्धि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के साथ उनकी मेहनत का सम्मान भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में किसान कल्याण केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में रबी फसलों की एमएसपी में वृद्धि किसानों के हित में बड़ा निर्णय है। केंद्र सरकार ने उत्पादन लागत पर डेढ़ गुना एमएसपी का संकल्प पूरा किया है। भाजपा जो कहती है, उसे पूरा करती है। केंद्र सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण कृषि क्षेत्र में किसानों को बेहतर मूल्य, बाजार का भरोसा और फसल विविधीकरण के नए अवसर मिल रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि विपणन सीजन वर्ष वर्ष 2027-28 में कुसुम की एमएसपी में सर्वाधिक 675 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। रेपसीड एवं सरसों में 413 रुपये, मसूर में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चना में 83 रुपये और गेहूं में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। नई एमएसपी के अनुसार गेहूं 2,610 रुपये, जौ 2,286 रुपये, चना 5,958 रुपये, मसूर 7,390 रुपये, रेपसीड एवं सरसों 6,613 रुपये तथा कुसुम 7,215 रुपये प्रति क्विंटल होगी।
उत्पादन लागत पर डेढ़ गुना एमएसपी का संकल्प पूरा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2018-19 के केंद्रीय बजट में किए गए उस संकल्प के अनुरूप एमएसपी में वृद्धि की है, जिसके तहत किसानों को उनकी अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत का लाभ सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2027-28 के लिए गेहूं में उत्पादन लागत पर 106 प्रतिशत, रेपसीड एवं सरसों में 96 प्रतिशत, मसूर में 92 प्रतिशत, चना में 59 प्रतिशत, जौ में 58 प्रतिशत और कुसुम में 50 प्रतिशत का अपेक्षित मार्जिन रखा गया है। उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत में किराए पर लिए गए मानव श्रम, बैल एवं मशीन श्रम, पट्टे पर ली गई भूमि का किराया, बीज, उर्वरक, खाद, सिंचाई शुल्क, कृषि उपकरण एवं भवनों का मूल्यह्ास, कार्यशील पूंजी पर ब्याज, डीजल एवं बिजली सहित विभिन्न खर्च तथा पारिवारिक श्रम का अनुमानित मूल्य शामिल किया जाता है। इस प्रकार एमएसपी निर्धारण में किसान की वास्तविक लागत को व्यापक रूप से ध्यान में रखा गया है।
गेहूं की खरीद 3715 लाख मीट्रिक टन तक पहुंची
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार में किसानों से एमएसपी पर खरीद में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान गेहूं की खरीद 3715 लाख मीट्रिक टन हुई, जबकि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह 2254 लाख मीट्रिक टन थी। इसी प्रकार छह प्रमुख रबी फसलों की खरीद 2014-15 से 2025-26 के दौरान बढ़कर 3921 लाख मीट्रिक टन हो गई, जबकि 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह 2302 लाख मीट्रिक टन थी। उन्होंने कहा कि किसानों को एमएसपी के माध्यम से मिलने वाली राशि में भी बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान गेहूं उत्पादक किसानों को 7.31 लाख करोड़ रुपए का एमएसपी भुगतान किया गया, जबकि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह राशि 2.56 लाख करोड़ रुपये थी। इसी अवधि में छह प्रमुख रबी फसलों के किसानों को किया गया एमएसपी भुगतान बढ़कर 8.36 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पूर्व अवधि में 2.65 लाख करोड़ रुपये था।
दलहन और तिलहन को प्रोत्साहन से बढ़ेगा फसल विविधीकरण
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार लगातार गेहूं जैसे अनाज के साथ-साथ दलहन और तिलहन को भी प्रोत्साहित कर रही है। मसूर, चना, रेपसीड एवं सरसों तथा कुसुम की एमएसपी में की गई वृद्धि किसानों को इन फसलों की ओर आकर्षित करने और देश में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। सरकार की नीति का उद्देश्य किसानों को बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने के साथ कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एमएसपी व्यवस्था में सुधार के साथ खरीद व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि हालिया सरकारी विवरण के अनुसार वर्ष 2014-26 के दौरान सभी 22 अधिदेशित एमएसपी फसलों की कुल खरीद 12,819 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि वर्ष 2004-14 में यह 6,987 लाख मीट्रिक टन थी। इसी अवधि में किसानों को भुगतान की गई एमएसपी राशि 7.41 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 27.80 लाख करोड़ रुपये हुई।
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में किसान कल्याण की दिशा में निरंतर निर्णय
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय, सम्मान और समृद्धि के लिए निरंतर काम कर रही है। एमएसपी में वृद्धि, फसल विविधीकरण, दलहन-तिलहन को प्रोत्साहन, खरीद व्यवस्था में सुधार और किसानों को सीधे भुगतान जैसी व्यवस्थाएं किसान कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि रबी फसलों की एमएसपी में यह वृद्धि देश के करोड़ों किसानों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय है। श्री खण्डेलवाल ने मध्यप्रदेश के किसानों की ओर से इस किसान हितैषी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय मंत्रिमंडल का हृदय से आभार व्यक्त किया।